झाड़ियों में गुम हुआ अंत्येष्टि स्थल, स्नानागार भी नहीं खुला
रामगंगा नहर किनारे बना अंत्येष्टि स्थल बदहाल, ग्रामीणों ने जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठाए सवाल
कानपुर नगर। विकासखंड क्षेत्र के बेहटा गंभीरपुर में रामगंगा नहर किनारे बना अंत्येष्टि स्थल इन दिनों झाड़ियों से घिरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, अंत्येष्टि स्थल और स्नानागार का अब तक समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। परिसर में साफ-सफाई और देखरेख की व्यवस्था न होने से सरकारी धन से तैयार कराई गई सुविधा की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सरकार गांवों के विकास और ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से धन खर्च कर रही है। इसके बावजूद बेहटा गंभीरपुर में अंत्येष्टि स्थल की स्थिति जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब परिसर में झाड़ियां उगी हैं और नियमित साफ-सफाई नहीं हो रही है, तो इस सुविधा का लाभ लोगों को कैसे मिलेगा?
देखरेख के अभाव में बदहाल परिसर

ग्रामीणों के मुताबिक, अंत्येष्टि स्थल और स्नानागार का संचालन शुरू नहीं हो सका है। परिसर की साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर भी कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आती। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि निर्माण के बाद इस स्थल की देखरेख की जिम्मेदारी किस विभाग या अधिकारी की है।
जिम्मेदारों से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से अंत्येष्टि स्थल का निरीक्षण कराने, झाड़ियों की सफाई करवाने और स्नानागार सहित अन्य सुविधाओं को चालू कराने की मांग की है। साथ ही निर्माण कार्य पर खर्च हुई धनराशि और रखरखाव की व्यवस्था की जांच कराने की भी मांग उठ रही है, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग सुनिश्चित हो सके।


