गड्ढे से बचने को धीमी की बाइक, पीछे से ट्रक ने कुचला; एमआर की मौत
फरवरी 2027 में होनी थी शादी, परिवार का इकलौता कमाने वाला था सूरज मिश्रा
कानपुर। रामादेवी फ्लाईओवर के पास यशोदानगर में रविवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार करीब पांच फीट उछलकर सड़क पर गिरा और घिसटते हुए आठ मीटर दूर तक चला गया। राहगीरों ने उसे एंबुलेंस की मदद से कांशीराम अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक समेत मौके से फरार हो गया। हादसे में जान गंवाने वाला युवक दशहरा की छुट्टी पर घर जा रहा था। फरवरी 2027 में उसकी शादी होनी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सड़क पर गड्ढा देखकर बाइक सवार ने अपनी रफ्तार धीमी की थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। राहगीरों ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिजनों ने सड़क की खराब स्थिति पर सवाल उठाते हुए हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दशहरा की छुट्टी पर घर जा रहा था सूरज
हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान सूरज मिश्रा (26) के रूप में हुई है। वह मूलरूप से प्रयागराज के इस्माइलगंज का रहने वाला था और एल्केम लिमिटेड कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के पद पर कार्यरत था। कानपुर में वह नौबस्ता के जरौली फेस-1 में अपने रिश्तेदार के यहां रह रहा था।
दशहरा की छुट्टी होने के कारण सूरज रविवार सुबह बाइक से प्रयागराज स्थित अपने घर जाने के लिए निकला था। वह नौबस्ता से रामादेवी फ्लाईओवर की ओर जा रहा था। यशोदानगर के पास सड़क पर गड्ढा देखकर उसने बाइक की रफ्तार धीमी कर दी। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह उछलकर सड़क पर गिरा और घिसटता हुआ करीब आठ मीटर दूर तक चला गया।
हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने घायल सूरज को एंबुलेंस की मदद से कांशीराम अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की।
परिवार का इकलौता कमाने वाला था सूरज
हादसे की जानकारी मिलने पर सूरज के चचेरे भाई जयशिव मिश्रा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि सूरज के पिता राजीव मिश्रा किसान हैं। परिवार में मां कुसुम और छोटा भाई नितिन मिश्रा है। सूरज परिवार में नौकरी करने वाला इकलौता सदस्य था और अपनी कमाई से घर की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहा था।
परिजनों के मुताबिक, सूरज की शादी तय हो चुकी थी। फरवरी 2027 में उसकी बारात जानी थी। परिवार में शादी की तैयारियों को लेकर खुशियां थीं, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया। जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर कंपनी के कर्मचारी भी अस्पताल पहुंचे।
खराब सड़क को लेकर उठाए सवाल
परिजनों ने हादसे के लिए सड़क की खराब स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर गड्ढा होने के कारण सूरज को बाइक की रफ्तार धीमी करनी पड़ी। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी। परिजनों ने सड़क की स्थिति में सुधार और हादसे के लिए जिम्मेदार चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पोस्टमार्टम में देरी का आरोप
परिजनों का आरोप है कि सूरज की मौत के करीब तीन घंटे बाद भी पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू नहीं हुई थी। जवान बेटे को खोने के गम में डूबे परिजन अस्पताल में परेशान होते रहे। उनका कहना था कि शव को अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज ले जाना है। पोस्टमार्टम में देरी होने पर अंतिम संस्कार अगले दिन करना पड़ सकता है।
सीसीटीवी फुटेज से चालक की तलाश
पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही थी। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि टक्कर मारने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी चालक की तलाश कर उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।


