सखी केंद्र में सरकारी विभागों के अधिकारियों के साथ इंटरफेस मीटिंग आयोजित
महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

कानपुर। सखी केंद्र, कानपुर में आज विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों के साथ एक इंटरफेस मीटिंग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 40 से 50 सशक्त युवा लीडर्स एवं महिलाओं ने सहभागिता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी महिलाओं तक पहुँचाना, योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आने वाली समस्याओं का समाधान करना तथा न्याय की दिशा में पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम का संचालन सखी केंद्र की प्राची त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राची त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायक गीत “जागो, जागो, जागो, जागो, ये नींद तुम्हारी पलकों कहीं न सी डालें” से हुई। उपस्थित महिलाओं ने भी गीत की पंक्तियों को दोहराते हुए उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सखी केंद्र के प्रयासों की जानकारी
सखी केंद्र की महामंत्री नीलम चतुर्वेदी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं महिलाओं का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि सखी केंद्र अब तक 48,000 से अधिक महिलाओं तथा 9,000 से अधिक पुरुषों से जुड़े मामलों पर कार्य कर चुका है और जरूरतमंद लोगों को सहायता एवं न्याय दिलाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने संस्था की एक महत्वपूर्ण पहल ‘111 सखी कथाएँ’ के बारे में भी जानकारी दी। इस पहल के अंतर्गत उन महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियाँ लिखी जा रही हैं, जिन्हें सखी केंद्र के सहयोग से न्याय एवं सहायता मिली और जो आज स्वयं अन्य महिलाओं की मदद कर रही हैं। इन कहानियों को प्रत्येक रविवार और बुधवार को यूट्यूब चैनल पर साझा किया जाता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से इन कहानियों को देखने और चैनल को सब्सक्राइब करने की अपील की।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने दी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी
कार्यक्रम में श्रम विभाग, वन स्टॉप सेंटर, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, महिला थाना, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग, क्षेत्रीय राशनिंग कार्यालय तथा चकेरी थाना की मिशन शक्ति टीम के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं, सेवाओं, आवेदन प्रक्रियाओं और शिकायतों के समाधान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।
श्रम विभाग से समीर शुक्ला ने श्रमिकों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने योजनाओं के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। साथ ही, श्रमिक कार्ड के तीन वर्ष बाद नवीनीकरण कराने के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि समय पर नवीनीकरण नहीं कराने के कारण कई लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।
वन स्टॉप सेंटर से वंदना ने महिलाओं की सुरक्षा और बच्चों के संरक्षण पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में अवश्य जागरूक करना चाहिए, ताकि बच्चे सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बीच अंतर समझ सकें। उन्होंने महिलाओं से किसी भी प्रकार की समस्या होने पर महिला हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की, जिससे समय रहते समस्या के समाधान की दिशा में कार्रवाई की जा सके।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग से शैल जी ने महिलाओं एवं बच्चों के लिए संचालित विधवा पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और बाल सेवा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर महिलाएँ महिला एवं बाल कल्याण विभाग तथा जिला प्रोबेशन कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं।
महिला थाना से आरती जी ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा एवं अपराधों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में महिलाएँ महिला हेल्पलाइन 1090 पर शिकायत कर सकती हैं। आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर भी संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं को आश्वस्त किया कि शिकायत मिलने पर संबंधित टीम सहायता के लिए आवश्यक कार्रवाई करती है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर
MSME विभाग से अमित बाजपेई ने महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, जिनमें खाद्य उत्पाद बनाने जैसे कौशल भी सिखाए जाते हैं। महिलाएँ प्रशिक्षण प्राप्त कर समूह बना सकती हैं, अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि हस्तनिर्मित एवं अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों की बाजार में माँग रहती है। यदि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखी जाए और उनकी पहुँच बढ़ाने के लिए उचित प्रयास किए जाएँ, तो महिलाएँ अपने रोजगार को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकती हैं। उन्होंने नवंबर माह में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी।
MSME विभाग से अंकित पांडे ने महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद व्यावहारिक रूप से काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि केवल प्रशिक्षण प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सीखे गए कौशल का उपयोग करके गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करना और व्यवसाय शुरू करना भी आवश्यक है। निरंतर प्रयासों से महिलाएँ अपने रोजगार को आगे बढ़ा सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
मिशन शक्ति एवं राशन कार्ड से संबंधित जानकारी
चकेरी थाना की मिशन शक्ति टीम से खुशबू जी ने मिशन शक्ति कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं की समस्याओं को सुनने और उनकी सहायता करने के लिए महिला थानों में अलग से हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। महिलाएँ यहाँ अपनी शिकायतें एवं समस्याएँ रख सकती हैं तथा न्याय प्राप्त करने की दिशा में आवश्यक सहायता ले सकती हैं।
क्षेत्रीय राशनिंग कार्यालय से सत्येंद्र जी ने राशन कार्ड बनवाने तथा परिवार के नए सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि नए सदस्यों के नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए महिला का आधार कार्ड, बैंक पासबुक तथा परिवार के सभी संबंधित सदस्यों के आधार कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद संबंधित दस्तावेज कार्यालय में जमा कराने से आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
महिलाओं ने अधिकारियों से पूछे सवाल
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में उपस्थित महिलाओं ने सरकारी योजनाओं, आवेदन प्रक्रियाओं, दस्तावेजों तथा विभिन्न समस्याओं के समाधान से संबंधित प्रश्न पूछे। संबंधित अधिकारियों ने महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके प्रश्नों के उत्तर देते हुए आवश्यक जानकारी प्रदान की। इस संवाद से महिलाओं को सरकारी विभागों की सेवाओं एवं योजनाओं को समझने और उनका लाभ प्राप्त करने में सहायता मिली।
अधिकारियों को स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित

कार्यक्रम के समापन पर सखी केंद्र की महामंत्री नीलम चतुर्वेदी ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया तथा कार्यक्रम में सहभागिता के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम का आयोजन सखी केंद्र की माया सिंह एवं किरण तिवारी ने किया। कार्यक्रम में अर्चना पांडे, प्रभावती, आसिफ खान, राकेश अग्रवाल एवं गरिमा सहित सखी केंद्र के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह इंटरफेस मीटिंग महिलाओं और सरकारी विभागों के बीच संवाद स्थापित करने, सरकारी योजनाओं की जानकारी को सुलभ बनाने तथा महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, आजीविका एवं न्याय से जुड़ी सेवाओं तक पहुँच दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।


