300 का आंकड़ा छूना है टीम इंडिया का अगला टारगेट, गौतम गंभीर ने किया खुलासा
नई दिल्ली। अफगानिस्तान टी20 सीरीज में टीम इंडिया को सिर्फ एक ही बार पहले बैटिंग करने का मौका मिला जिसमें उन्होंने 200 रन का आंकड़ा पार किया। अब गौतम गंभीर टीम का अगला टारगेट बताया है।
अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया 300 का आंकड़ा छू लेगी। हालांकि भारत को शुरुआती दो मुकाबलों में पहले बैटिंग करने का मौका ही नहीं मिला। टीम इंडिया ने 14-15 ओवर में 150 से अधिक रन का टारगेट चेज कर दिया। तीसरे टी20 में जब टीम इंडिया पहले बैटिंग करने उतरी और अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने जिस तरह की शुरुआत दी तो लगा कि 300 रन का आंकड़ा संभव है। हालांकि मिडिल ऑर्डर के फेल होने की वजह से भारत 221 के स्कोर तक ही पहुंच पाया। जबकि 9.5 ओवर में जब अभिषेक शर्मा आउट हुए थे तो भारत का स्कोर 142 रन था।
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गौतम गंभीर ने बताया टीम इंडिया का टारगेट
ऐसा नहीं है कि सोशल मीडिया पर ही भारतीय टीम के 300 रन के आंकड़े की बात होती है। ऐसी बातें टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में भी होती है। जी हां, गौतम गंभीर ने भारत-अफगानिस्तान सीरीज के बाद टीम इंडिया का अगला टारगेट 300 रन का ही बताया है। उनका कहना है कि भारत के पास जिस तरह का टैलेंट है उसके साथ ऐसी जबरदस्त चीजें हो सकती है।
गौतम गंभीर ने प्रेस कन्फ्रेंस में कहा, “हम अभी भी 300 तक नहीं पहुंचे हैं। तो शायद यह अगला टारगेट है क्योंकि ड्रेसिंग रूम में हमारे पास जिस तरह का टैलेंट है।
टी20 में हाईएस्ट स्कोर
बता दें, टीम इंडिया का टी20 में हाईएस्ट स्कोर 297 रनों का है, जो उन्होंने 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में बनाया था। टीम इंडिया उस समय मात्र 3 रन से 300 रन के आंकड़े से चूक गई थी।
टी20 में हाईएस्ट स्कोर की बात करें तो यह रिकॉर्ड इस समय जिम्बाब्वे के नाम है, जिन्होंने 2024 में गामबिया के खिलाफ 20 ओवर में 344 रन बनाए थे। वहीं टेस्ट प्लेइंग नेशन में इंग्लैंड की टीम भी 300 रन का आंकड़ा एक बार पार कर चुकी है।
वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं मिला खेलने का मौका?
गौतम गंभीर ने कहा, “वैभव के नजरिए से, यह बहुत साफ बात थी कि उसे अपने मौके का इंतजार करना होगा। हम जानते हैं कि उसमें किस तरह का टैलेंट है और वह क्या कर सकता है, लेकिन जो पिछले 2-3 साल से अच्छा कर रहा है, वह हमेशा उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जो अभी टीम में आया है।
जब भी उसे रन मिलेंगे, उसे और लंबे रन भी मिलेंगे। इंडियन क्रिकेट इसी के बारे में है — हम ड्रेसिंग रूम में कॉम्पिटिशन और टैलेंट चाहते हैं, लेकिन क्रिकेट ऐसे ही चलता है। चाहे आप 15 साल के हों या 30 साल के, जब आपको अपने मौके का इंतजार करना होता है, तो आपको अपने मौके का इंतजार करना ही पड़ता है।”

