भाषण में बोले- सभी देश एक-दूसरे से जुड़े, एक पर आया संकट सभी पर असर डालेगा : PM मोदी
भाषण में बोले- सभी देश एक-दूसरे से जुड़े, एक पर आया संकट सभी पर असर डालेगा : PM मोदी
नई दिल्ली। समिट के दूसरे दिन PM मोदी ने कहा कि दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि आज दुनिया के देश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में किसी एक जगह आने वाला संकट दूसरे देशों को भी प्रभावित कर सकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत में भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन हुआ। इस दौरान PM मोदी के दोनों ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नजर आए।
समिट के दूसरे दिन PM मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति पुतिन, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और अन्य देशों के नेता भारत मंडपम में मौजूद रहे।
BRICS समिट के दूसरे दिन PM मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति पुतिन, चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और अन्य देशों के नेता भारत मंडपम में मौजूद रहे।
आज ih,e मोदी 7 देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। समिट के पहले दिन डिनर का आयोजन किया गया। इसमें चीनी राष्ट्रपति और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस को छोड़कर सभी वर्ल्ड लीडर पहुंचे।
अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद समिट में शामिल होने के बाद अपने देश लौट गए थे। वहीं, सूत्रों के हवाले से बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आराम करने के लिए अपने होटल लौट गए थे।
ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी
ब्रिक्स देशों ने शनिवार को समिट के दौरान नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी। इसमें कई मुद्दों पर साझा बयान जारी किया गया।
डेक्लरेशन में रूस और चीन समेत देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही, आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वालों पर कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी।
ब्रिक्स देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव है और ईरान, सऊदी अरब और UAE के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं।
ब्रिक्स तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं का संगठन
ब्रिक्स 11 देशों का ऐसा समूह है, जिसमें दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इंडोनेशिया शामिल हैं।
ब्रिक्स का मकसद सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग बढ़ाना है।
शुरुआत में इसमें 4 देश थे और इसे ब्रिक्स कहा जाता था। ब्रिक्स नाम 2001 में गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने दिया था। बाद में दूसरे देश जुड़ते गए और इसका नाम ब्रिक्स हो गया। भारत 2026 में ब्रिक्स समिट की अध्यक्षता कर रहा है।
मोदी बोले- ग्लोबल साउथ का ब्रिक्स पर भरोसा बढ़ा
ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन PM मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों का ब्रिक्स पर भरोसा बढ़ा है, क्योंकि यहां उनकी बात सुनी जाती है और उनके अनुभवों को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि BRICS की सबसे बड़ी ताकत उसकी अलग-अलग देशों की विविधता और आपसी सहयोग है।
PM मोदी बोले- विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी
PM मोदी ने कहा कि भारत में प्रकृति को मां के समान माना जाता है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है।
PM मोदी बोले- छोटे कारोबारों को नए बाजार और फाइनेंस से जोड़ें
ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन PM मोदी ने कहा कि ब्रिक्स कनेक्ट के जरिए लोगों को काम के लिए जरूरी स्किल सिखाने, रोजगार बढ़ाने और महिलाओं को ज्यादा काम के मौके देने पर काम किया गया है।
छोटे कारोबारों को मदद देने के लिए ब्रिक्स MSME पोर्टल शुरू किया गया है। इससे छोटे कारोबारी नई जानकारी, पैसे और नए बाजार से जुड़ सकेंगे।
उन्होंने बताया कि शहरों में आने-जाने की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए भी ब्रिक्स देशों के बीच अनुभव साझा किए जाएंगे।
PM मोदी बोले- ब्रिक्स देशों में मजबूत होगी सामान की सप्लाई
ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देशों के बीच सामान की सप्लाई को ज्यादा भरोसेमंद और मजबूत बनाने के लिए ब्रिक्स लॉजिस्टिक सप्लाई चेन कोऑपरेशन फ्रेमवर्क मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के स्टार्टअप्स को आपस में जोड़ने के लिए ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क बनाया जाएगा। इसके साथ ही नए और बड़े स्तर पर काम आने वाले आइडिया को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव रखा गया है।
PM मोदी बोले- दुनिया में बढ़ रहा तनाव, आम लोगों पर असर
ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि आज दुनिया के देश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में किसी एक जगह आने वाला संकट दूसरे देशों को भी प्रभावित कर सकता है।
PM मोदी ने कहा कि इसी वजह से भारत ने ब्रिक्स देशों को ऐसे संकटों से निपटने के लिए पहले से तैयार रखने पर खास जोर दिया है। इसके तहत संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने और उनसे निपटने के लिए ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम बनाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा आपदाओं से निपटने के लिए अर्ली वार्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस भी तैयार की गई हैं।

