बुन्देलखण्ड की बेटी निशानेबाजी में विदेश में भारत का बजा रही डंका

0
419

बांदा, 13 अक्टूबर । शूटिंगबाजी में देश व प्रदेशों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली बांदा की बेटी विदेशों में भी अपने हुनर का डंका बजा रही है। नेशनल शूटर रामेंद्र शर्मा की बेटी सोनल रामेंद्र इन दिनों हंगरी में निशानेबाजी का प्रशिक्षण दे रही हैं। इन दिनों वह हंगरी में इंटरनेशनल शूटिंग फेडरेशन की एकेडमी कोच भी है। उसे उजबेकिस्तान व इंडोनेशिया में भी निशानेबाजी का प्रशिक्षण देने के लिए भेजा जा चुका है। मां आराधना शर्मा भी नेशनल शूटर रही हैं। बेटी की उपलब्धि पर मां-पिता दोनों खुश हैं। 

बुंदेलखण्ड के बांदा में आवास विकास कॉलोनी निवासी रामेंद्र शर्मा की बेटी सोनल रामेंद्र की बचपन से ही निशानेबाजी में रुचि रही है। कक्षा नौ में उसने जूनियर टीम का प्रतिनिधित्व कर अटलांटा अमेरिका में वर्ल्डकप खेला। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। देश के साथ प्रदेश में कई निशानेबाजी की प्रतियोगिताओं में मेडल जीता। भारतीय टीम से वह अब तक 32 बार विदेशों में प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इस समय हंगरी में जूनियर टीम की प्रशिक्षक भी हैं।
सोनल के पिता रामेंद्र शर्मा नेशनल शूटर हैं। उनकी पत्नी आराधना शर्मा ने भी कई निशानेबाजी की प्रतियोगिताएं जीतीं। बकौल रामेंद्र शर्मा अब तक पूरे परिवार ने 375 मेडल जीते हैं। शादी के बाद पत्नी को निशानेबाजी सिखाया। लगन ऐसी कि अब तक देश की कई प्रतियोगिताओं में वह हिस्सा ले चुकी हैं। बेटी सोनल की निशानेबाजी में रुचि शुरू से ही रही।

तीन सालों में बनाए 35 शूटर

शूटिंग प्रतियोगिता में राट्रीय स्तर पर सिल्वर मेडल व राज्य सरकार द्वारा लक्ष्मण पुरस्कार हासिल करने वाले रामेंद्र शर्मा का जुनून ही तो है कि बांदा में उन्होंने बच्चों को निशानेबाजी का प्रशिक्षण देना शुरू किया। पिछले तीन सालों में उन्होंने 35 निशानेबाज तैयार किए हैं। इन बच्चों में 11 ने आल इंडिया इंटर स्कूल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। इनमें तीन बच्चों को मेडल भी मिल चुका है। रोजाना शाम को हार्पर क्लब बांदा में शूटिंग की क्लास लगती है।

LEAVE A REPLY