कानपुर :ठंड के बढ़ते प्रकोप के बावजूद अलाव से दूर हैं शहर के प्रमुख चौराहे

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कानपुर, 21 दिसम्बर । न्यूनतम पारा सात डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया और आर्द्रता भी शत-प्रतिशत के करीब जा पहुंची है जिससे ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ने से लोग कांप रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों पर अलाव नहीं जलवाए गए हैं। अभी तक पूरी तरह से रैन बसेरे भी नहीं खोले गये हैं। ऐसे में गरीब व असहाय लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री और अधिकतम तापमान 22 डिग्री रहा। उत्तरी पश्चिमी हवाओं की सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंड का प्रकोप और बढ़ गया जिसके चलते गरीब व असहायों का बुरा हाल हो गया। महानगर में कहीं भी अलाव व रैन बसेरा की व्यवस्था न होने से शाम होते ही ज्यादातर गरीब व असहाय रोडवेज बस स्टैंड, जिला अस्पताल, कचहरी, तहसील, रेलवे स्टेशन आदि में जमा हो रहे हैं। ये लोग मुसाफिरों के साथ कूड़ा करकट जलाकर किसी तरह आग ताप रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति आम चौराहों की है जहां पर रिक्शा, टैम्पो व गुमटी वाले भी टाट-पट्टी आदि जलाकर रात गुजार रहे हैं। ठंड की चपेट में आने से बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से अस्पतालों में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। 

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरूद्ध दुबे ने बताया कि ठंड का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ेगा। पहाड़ों में भीषण बर्फबारी हो रही है। बर्फीली हवाएं चलने से गलन बढ़ी है। इधर दिसम्बर खत्म होने को है, कोहरे ने भी दस्तक दे दी है। सुबह के समय तापमान सात डिग्री के इर्दगिर्द बना हुआ है लेकिन दिन में हल्की धूप निकलने से तापमान 22 के करीब पहुंच जाता है। शाम से फिर ठंड विकराल रूप धारण कर लेती है। हैलट अस्पताल के फिजीशियन डाक्टर विशाल गुप्ता का कहना है कि शुरुआत की ठंड बेहद खतरनाक होती है। दिन में ठंडक व दोपहर में गर्मी होने से लोग बड़ी संख्या में बीमार पड़ते हैं। ऐसे में ठंड से बचाव जरूरी है।
ठंड का प्रकोप बढ़ने के बाद भी नगर निगम गहरी नींद में है। महानगर के किसी भी स्थान पर न तो अलाव जल रहे हैं और न ही गरीबों के आश्रय के लिए रैन बसेरा खोले गए हैं। बार एसोसिएशन के महामंत्री भानू प्रताप सिंह ने कहा कि रैन बसेरों में ताला लटक रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि नगर निगम व प्रशासन को ठंड से होने वाली मौतों का इंतजार है। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शहर के प्रमुख चौराहों में अलाव जलवाने व रैन बसेरा खोलने की मांग की है। ताकि गरीब व असहायों को ठंड से बचाया जा सके।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि महानगर के सभी रैन बसेरों को खुलवाने के सख्त निर्देश दिये गये हैं। चौराहों पर अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था हो चुकी है, एक दो दिन में सभी प्रमुख चौराहों पर अलाव जलने लगेंगे। रैन बसेरों की हकीकत जानने के लिए एक टीम का भी गठन कर दिया गया है जो रोजाना सुबह अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बावजूद अगर लापरवाही मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि शुक्रवार को सभी रैन बसेरों व अलाव की जानकारी ली जाएगी, गरीब व असहायों को ठंडक से पूरी तरह से बचाने का प्रयास किया जाएगा। 

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