कानपुर में एक बार फिर पकड़ा गया फर्जी अफसर, शिकार हुए कई बेरोजगार

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कानपुर, 06 दिसम्बर । सेना में नौकरी दिलाने वाले एक फर्जी कर्नल को अभी हाल ही में सेना ने धर दबोचा था। एक सप्ताह बाद बुधवार को क्राइम ब्रांच ने ऐसे ही एक फर्जी अफसर को धर दबोचा, जो बेरोजगारों को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता था। पकड़ा गया ठग पूर्वांचल के लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर कानपुर से अपना नेटवर्क चला रहा था। ठग के पास से रेलवे के लेटर पैड सहित कई दस्तावेज बरामद हुए है। पकड़े गए फर्जी अफसर से कानपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम पूंछताछ कर रही है। बताया गया कि यह फर्जी अफसर अब तक दर्जनों लोगों को ठग चुका है।

उन्नाव जनपद का रहने वाला पराग उर्फ राकेश पिछले कुछ समय से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज़ बनाकर ठगी कर रहा था। यह रेलवे में नौकरी के नाम पर एक कैंडिडेट से छह लाख रुपये लेता था। इसने चार लोगों से नौकरी के नाम पर लगभग 25 लाख रुपये ठग लिये और इन लोगों को फ़र्ज़ी दस्तावेज़ थमा दिया। जब यह लोग नौकरी के लिए रेल विभाग पहुंचे तो वहां इनका कोई विवरण नहीं था। अधिकारियों ने जब कागज़ देखा तो कागज़ तो हूबहू रेलवे के कागज़ की तरह ही लग रहे थे लेकिन उस पर लिखावट और दस्तखत सब फर्जी थे। जब इन अभ्यिर्थियों को खुद का ठगा जाना लगने लगा तो इन लोगों ने एसएसपी कानपुर को लिखित तहरीर दी।

 जिस पर एसएसपी ने जांच के लिए एलआईयू को सौंप दिया। नौकरी के नाम पर ठगी का बड़ा मामला देखते हुए एलआईयू ने जांच को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। क्राइम ब्रांच ने अपना नेटवर्क बिछा कर फर्जी नौकरी दिलाने वाले इस नेटवर्क के मुख्य आरोपी पराग को धर दबोचा। पराग उर्फ राकेश के पास से पुलिस ने रेलवे के कई लेटर पैड, रेलवे की मोहरें और नौकरी से सम्बंधित कई दस्तावेज़ बरामद किए हैं। पुलिस को पूंछताछ में ठग पराग उर्फ राकेश ने बताया कि वह अब तक दर्जनों लोगों को नौकरी के नाम पर ठग चुका है।

पुलिस और क्राइम ब्रांच अभी भी पराग उर्फ राकेश से पूंछताछ कर रही है। एसपी क्राइम राजेश यादव ने बताया पीड़ित आकाश की शिकायत पर फर्जी अफसर को पकड़ा गया है। पूछतांछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है, लेकिन अभी पूछतांछ चल रही है, जो-जो लोग ठगी का शिकार हुएं है उन सबको बुलाया जाएगा और जांच कर ठग को जेल भेज दिया जाएगा।

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