नहीं लगेंगी कानपुर के नानाराव पार्क में पटाखा दुकानें : हाईकोर्ट 

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कानपुर, 13 अक्टूबर । जनपद के ऐतिहासिक नानाराव पार्क की सुंदरता को बचाने की कवायद में संस्थाओं को शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नानाराव पार्क में लगाई जा रही थोक पटाखों की दुकानों तुरंत हटाने के आदेश दिये है। कोर्ट का आदेश आने पर पटाखा दुकानदारों में मायूसी है। मेस्टन रोड में लगने वाली पटाखा दुकानों को कुछ साल पूर्व यहां शिफ्ट किया गया था। 

दरअसल विकलांग वृद्धा, बेवा उत्थान समिति के रफत महमूद और चंदन गर्ग की ओर से फूलबाग स्थित नानाराव पार्क में लगने वाली पटाखा दुकानों को हटाने के मांग की जा रही थी। इस लड़ाई में संस्था द्वारा डीएम से लेकर सीएम तक से नानाराव पार्क के सौंदर्यीकरण पर पड़ रहे असर को लेकर बचाने की गुहार लगाई गई। तमाम जद्दोजेहद के बाद संस्था के रफत महमूद ने मामले में कोर्ट का सहारा लेते हुए पीआईएल दाखिल की। 

जिस पर मुख्य न्यायाधीश दिलीप बी घोसले और न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता की बेंच ने नौ दिन तक चली सुनवाई की। रफत के अधिवक्ता आर.जे. सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बहस समाप्त होने पर मुख्य न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा, हरे-भरे पार्क में लगी पटाखे की दुकानें नहीं लगाई जाएगी। उन्हें हटाकर कहीं और ले जाएं। अधिवक्ता ने दुकानदारों की सहूलियत के लिए हाईकोर्ट से ही दुकानों को लगाने के लिए स्थान तय करने का अनुरोध किया। जिस पर अदालत ने कहा, यह उसका काम नहीं है। डीएम और नगर निगम यह खुद तय करेंगे। 

अधिवक्ता के अनुसार पीआईएल के खिलाफ कानपुर प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट सुनवाई के लिए पहुंचे थे। उन्होंने पटाखा दुकानों की फोटो अदालत में पेश करते हुए पार्क को सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षित बताया। लेकिन हराभरा पार्क देख अदालत ने वहां से 24 घंटे के अंदर दुकानें हटाने को कहा। इस मुद्दे पर अदालत ने जिला प्रशासन को फटकारा भी। कोर्ट के आदेश की जानकारी मिलते ही कानपुर में पटाखा दुकानदारों में चेहरे पर दीपावली पर होने वाली दुकानदारी को लेकर चिंता की लकीरें आ गई है। 

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