योगी सरकार ने तेज की राजनेताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की कवायद

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लखनऊ, 27 दिसम्बर । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राजनेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की कवायद तेज कर दी है। राज्य सरकार के इस निर्णय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला समेत कई राजनेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस होंगे।
शासन की तरफ से प्रदेश भर के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नेताओं के खिलाफ दर्ज राजनीतिक मुकदमों को वापस लेने की कार्यवाही शुरु कर दी जाये।

दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कहा था कि 20 हजार राजनीतिक मुकदमे वापस होंगे। इसके बाद सरकार की तरफ से विधानसभा में उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) विधेयक, 2017 भी पेश किया गया था। इस विधेयक में 31 दिसम्बर 2015 तक के मामले शामिल किए गए हैं।
विधानसभा का सत्र समाप्त होते ही सरकार ने राजनीतिक मुकदमों को वापस लेने की कवायद तेज कर दी। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सभी जिलों को रजनीतिक मुकदमे वापस लेने के लिए कह दिया गया है। अभियोजन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस संबंध में संबंधित अदालतों में आवेदन करने की प्रक्रिया तत्काल शुरु कर दी जाये।
गौरतलब है कि गोरखपुर में वर्ष 1995 में योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं के खिलाफ निषेधाज्ञा भंग करने का मामला दर्ज हुआ था। शासन ने इस मामले को भी वापस लेने के लिए गोरखपुर के जिलाधिकारी को एक पत्र भेजा है।

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