माता के मंदिरों में भक्तों का लगा तांता, पूजा कर मांगा आशीष

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कानपुर, 21 सितम्बर । शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन माता मंदिरों में गुरुवार को भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूजा अर्चना कर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की। ग्रामीण इलाकों में माता की पूजा कर किसानों ने फसल बेहतर होने की प्रार्थना की। 
शहर के मन्दिरों में सुबह से ही लोगों का तांता माता की पूजा को लग गया। पुजारियों द्वारा विधि-विधान से श्रंगार व पूजा कर आरती की गई। जिसके बाद मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गये। बिरहाना रोड स्थित तपेश्वरी मंदिर में भक्तों की लाइन भोर से ही जुटने लगी थी। मंदिर में माता रानी के पट खुलते ही जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालु माता के दरबार में श्रंगार के सामान के साथ-साथ चुनरी, नारियल और फूल माला चढ़ा कर माता की लौंग कपूर से आरती भी उतारते दिखे।

सीता मां ने किया था तप
तपेश्वरी मंदिर के पुजारी सिद्धार्थ व्यास मंदिर ने बताया, ’माता तपेश्वरी देवी का यह मंदिर काफी प्राचीन है। माता सीता ने यहां पर आकर तप किया था। खास बात यह है कि अपने बच्चे लव-कुश का मुण्डन संस्कार भी इसी मंदिर में हुआ था। माता सीता के तप के चलते ही मंदिर का नाम तपेश्वरी पड़ा। जिसक बाद से लोग यहां नवरात्रि के समय माता के दर्शन करने के साथ-साथ अपने बच्चों का कनछेदन और मुंडन संस्कार भी कराने आते है।’ 

ऐसा ही नजारा शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में माता के मंदिरों में भी रहा। ग्रामीण इलाकों में स्थित सबसे प्रसिद्ध व प्राचीन घाटमपुर स्थित कुष्मांडा देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी। पूजा अर्चना कर ग्रामीणों के माता से घर में खुशहाली व समृद्धि के लिए फसल अच्छी होने की कामना की। 

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