क्या पाकिस्तान के घुसपेठी हेलिकोप्टर को उड़ाया नहीं जा सकता था ?

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भारत सरकार द्वारा हाल ही में सर्जिकल स्ट्राईक के दो साल पुरे होने पर पराक्रम पर्व मनाया गया। उसी दौरान पाकिस्तान का एक हेलिकोप्टर कश्मीर में भारत की सीमा में घुस आया। मिडिया रपट में कोई इसे १० की.मी. अन्दर घुस आया बताता है तो कोई ७०० मीटर अन्दर घुस आया बता रहे है। एक बात तो तय है की दुश्मन देश का हेलिकोप्टर भारत की सीमा के भीतर एक मीटर भी अन्दर नहीं आ सकता। दोनों देशो की हवाई सीमाए भी तय है।

जाहिर है की पाकिस्तान के हेलिकोप्टर ने हवाई सीमा का भंग किया और भारत की सीमा के भीतर घुस आया तब सीमा पर तैनात भारतीय जवानो नीचे से हेलिकोप्टर की और गोलियां दागी। भारतीय सेना की गोलीबारी से वह वापिस अपनी सीमा में चला गया। मान लीजिये की भारत का हेलिकोप्टर पाकिस्तान की सीमा में ७०० मीटर तक घुस गया होता तो वह सुरक्षित वापिस आ सकता था?

दुश्मन देश के रेन्जर भारत के जवान नरेंदर सिंह को भारत की सीमा के भीतर आकर अगवा कर उसकी तडपा तडपा कर ह्त्या कर सकता है तो क्या भारत के हेलिकोप्टर का दो हाथ जोड़ कर स्वागत करेंगा ?

भारत की हवाई सीमा की सुरक्षा की जिम्मेवारी भारतीय एयर फ़ोर्स की है। भारत के लड़ाकू जेट प्लेन निरंतर आकाश में उड़ाने भर कर हवाई पहरा देते है। जब पाकिस्तान का हेलिकोप्टर भारत की सीमा के भीतर ७०० मीटर तक मंडरा रहा था तब हमारे उस क्षेत्र के लड़ाकू विमान को इसका पता चला ही होंगा।

क्योंकि वहां के रडार में इस पाकिस्तानी हेलिकोप्टर को देखा ही गया होंगा। और यदि रडार में इसका पता न चला हो तो यह भारत के लिए किसी खतरे से खाली नहीं। भारत के जवान नीचे से ऊपर की और गोलिया दाग रहे थे लेकिन ऊपर आकाश में उस वक्त भारत के लड़ाकू जेट प्लेन को इसका पीछा करने के लिए या उसे मार गिराने के लिए आदेश क्यों नहीं दिए गये? पाकिस्तान के इस हेलिकोप्टर ने भारत की सीमा में बम्ब गिराया होता तो? ऐसे में हर संभावना हो सकती है क्यों की वह दुश्मन देश का था और भारत को हाय हेल्लो कहने नहीं आया था।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने घुसपेठी हेलिकोपटर को लेकर पाकिस्तान को फिर एक बार चेतावनी दी है। उन्होंने कहा की अगर हर बार पाकिस्तान की तरफ से सीज फायर तोडा जायेंगा तो हम उसका मुह तोड़ जवाब देंगे। उन्हें खदेड़ देंगे, उन्हें खत्म करेंगे..! लेकिन जब खत्म कर वाकई मुहतोड़ करारा जवाब देने का मौका आया तब उस दुशमन देश के हेलिकोप्टर को लड़ाकू विमान के जरिये क्यों नहीं ख़त्म किया गया?

रक्षामंत्री किसी पुराने अफसर से पूंछे की अटलजी सरकार के दौरान गजरात के कच्छ बोर्डर में पाकिस्तान का एक लड़ाकू विमान इसी तरह घुस आया तब उसे ताबड़तोड़ मार गिराया था। उसका मलबा भारतकी सीमा के अन्दर गिरा था जो इस बात का सबूत था की उसने हवाई सीमा का भंग किया था।

यहाँ तो दुश्मन देश का हेलिकोप्टर १० की.मी. तक भारत के अन्दर आता है और भारत के लड़ाकू विमान को उसे उड़ा देने के कोई आदेश नहीं मिलते। सिर्फ चेतावनी दी जाती है की ख़बरदार आइन्दा दोबारा यहाँ नजर आया तो मुजसे बुरा कोई नहीं होंगा…!!! चल जा वापिस चला जा…

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