कानपुर:-अटल बिहारी वाजपेयी ने नहीं मानी थी माल्या की बात : राम नाईक ….

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कानपुर,28सितंबर। पक्ष-विपक्ष के बीच इन दिनों ‘हॉटकेक बने विजय माल्या पर राज्यपाल राम नाईक ने यहां नई जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब देश में शीरे से इथेनॉल बनाने की शुरुआत हुई तो माल्या शराब कारोबारियों के साथ विरोध जताने आया था, लेकिन तब हमने पेट्रोलियम मंत्री रहते और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उनकी बात न मानते हुए लौटा दिया था।

राज्यपाल राम नाईक शुक्रवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के 20वें दीक्षा समारोह में अध्यक्षीय भाषण दे रहे थे। उन्होंने बताया कि शीरे से इथेनॉल बनने से गन्ना किसानों को लाभ हुआ। इसकी शुरुआत तब हुई, जब मैं पेट्रोलियम मंत्री था। तब शराब कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल मुझसे और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिला था, लेकिन हमने किसानों का ही हित देखा। राज्यपाल ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा गन्ना उप्र में पैदा होता है। यहां की जमीन महाराष्ट्र से ज्यादा उर्वरा है। इसके बावजूद यहां उतना विकास नहीं हुआ। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून और बिजली की व्यवस्था ठीक न होने से यहां उद्योग नहीं आए। हालांकि, अब स्थिति बदल रही है। इनवेस्टर्स समिट में करोड़ों रुपये निवेश प्रस्ताव आए।

कृषि वैज्ञानिक बनना चाहता है टॉप मेडलिस्ट अजमुल

पीलीभीत के रहने वाले अजमुल हसन ने बीएससी (ऑनर्स) कृषि में सर्वोच्च अंक लाकर दीक्षांत में सबसे अधिक पांच मेडल प्राप्त किया। अजमुल के पिता रियाजुल हसन किसान हैं। रियाजुल और नूरजहां के दो बेटे और दो बेटी में तीसरे नंबर के अजमुल वर्तमान में बीएचयू से एमएससी कर रहे हैं। अजमुल ने बताया कि वह कृषि वैज्ञानिक बनना चाहते हैं और किसानों को आने वाली समस्याओं को दूर करना चाहते हैं। बचपन से ही कभी जलवायु तो कभी योजना का अभाव समेत कई समस्याएं देखते चले आ रहे हैं, इन सभी को दूर करना है।

वैज्ञानिक बन आसान करनी है खेती

गोण्डा के रहने वाले हनुमान प्रसाद पांडेय ने एमएससी कृषि में सर्वोच्च अंक लाकर कुलाधिपति स्वर्ण पदक समेत तीन पदक प्राप्त किए। हनुमान के पिता प्रदीप कुमार पांडेय किसान हैं। प्रदीप और सुशील पांडेय के पांच बेटी और एक बेटा है। इकलौता बेटा हनुमान वर्तमान में सीएसए से ही पीएचडी कर रहे हैं। हनुमान ने बताया कि खेती अब किसान छोड़ रहे हैं। क्योंकि खेती में लाभ कम और मेहनत अधिक है। इसलिए मेरा प्रयास होगा कि किस तरह खेती को आसान बनाया जाए और उससे अधिक लाभ हो।

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