पत्रकार गौरी लंकेश हत्या के आरोपी से मुंबई में हो सकती है पूछताछ

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मुंबई :महाराष्ट्र ATS और CBI की जांच के बाद नरेंद्र दाभालेकर हत्याकांड से पर्दा अब पूरी तरह से उठ गया है। कर्नाटक SIT ने गौरी लंकेश मर्डर केस भी सुलझा लिया है। सवाल यह है कि पिछले पंद्रह दिनों में महाराष्ट्र से जो करीब आधा दर्जन गिरफ्तारियां हुई हैं, क्या उनके तार गोविंद पानसरे और एम.एम कलबुर्गी हत्याकांड से भी जुड़े रहे हैं।

महाराष्ट्र एटीएस से जो कहानियां बाहर आ रही हैं, उससे साफ लग रहा है कि सभी हत्याएं एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं। एक अधिकारी के अनुसार, सभी आरोपियों ने पूरे देश का दौरा किया है। गोवा में वे सबसे ज्यादा रहे। इस अधिकारी ने इस बात के संकेत दिए कि हमने बम, विस्फोटक और आर्म्स केस में जिन आरोपियों की गिरफ्तारी की है, यदि जरूरत पड़ी, तो उनके सामने गौरी लंकेश मर्डर के आरोपी अमोल काले को बैठाकर भी पूछताछ की जा सकती है। काले की महाराष्ट्र से ही गिरफ्तारी हुई है।
महाराष्ट्र एटीएस ने सभी आरोपियों पर यूएपीए लगाया है, अब तक की जांच में पता चला है सभी आरोपी एक सिंडिकेट या संगठित गिरोह का हिस्सा थे। ऐसे मामलों में अमूमन मकोका लगता है, पर एटीएस चीफ अतुलचंद्र कुलकर्णी का कहना है कि मकोका के लिए जरूरी है कि इस सिंडिकेट से जुड़े किसी भी अपराधी पर पिछले दस साल में दो चार्जशीट दायर हुई हों। चूंकि गिरफ्तार आरोपियों में से किसी पर भी दो आरोपपत्र दाखिल नहीं हुए, इसलिए इन पर मकोका नहीं, यूएपीए लगाया गया। यूएपीए में भी जांच एजेंसियों को मकोका जैसे ही अधिकार मिले हुए हैं।

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