लोकसभा में SC/ST संशोधन बिल पास होने के बाद वापस लिया गया ‘भारत बंद’

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नई दिल्ली : एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलित संगठनों ने गुरुवार को किए जाने वाले आंदोलन को वापस ले लिया है। आंदोलन वापस लेने की जानकारी देते हुए अखिल भारतीय अम्बेडकर महासभा (एआईएएम) ने अभी तक अगली तारीख पर फैसला नहीं लिया है। मीडिया से बात करते हुए, एआईएएम के चेयरमैन अशोक भारती ने कहा, ‘हम अपनी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को अधिक समय दे रहे हैं। अगर केंद्र हमारी मांगों को स्वीकार नहीं करता है तो हम फिर से सड़कों पर आंदोलन करेंगे।

अशोक भारती ने यह भी कहा यह कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए किया गया। भारती ने कहा, ‘भारत बंद के ऐलान से सरकार को झटका लगा था। यही कारण है कि वे संशोधन लाने के लिए सहमत हुए।
इससे पहले लोजपा सांसद चिराग पासवान ने कहा था कि अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध नौ अगस्त को दलित संगठनों के प्रस्तावित भारत बंद को वापस ले लिया जाना चाहिए क्योंकि केंद्र ने इस कानून को बहाल रखने के लिए संशोधन विधेयक पेश कर दिया है।

उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में अब बंद करने का कोई कारण नहीं है क्योंकि सरकार ने संशोधन विधेयक पेश कर दिया है। जब उनसे एसएटी कानून पर फैसला पारित करने वाली पीठ के सदस्य सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज ए के गोयल को एनजीटी प्रमुख नियुक्त करने के सरकार के फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था, ‘उनके मन में उनके प्रति कोई निजी नाराजगी नहीं है, आदेश जारी होने के बाद असंतोष अवश्य था, लेकिन फैसले को सरकार ने खारिज कर दिया है और उनकी नियुक्ति अब मुद्दा नहीं रहा।

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