ट्रेन हादसे रोकने को 10वीं क्लास के छात्र ने बनाई डिवाइस

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-ड्राइवर के सो जाने के बाद भी सिग्नल आते ही जहां की तहां रुकेगी ट्रेन -एक ही पटरी में आमने सामने आते ही डिवाइस के जरिये रुकेगी ट्रेन -मिलेट्री मिनी-35 यंत्र से बार्डर पर घुसकर दुश्मनों पर बरसायेगा गोले
हमीरपुर, 02 जुलाई।। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में कक्षा दसवीं के एक छात्र ने रेल हादसे रोकने के लिये एक ऐसी डिवाइस (यंत्र) का आविष्कार किया है जिससे एक ही पटरी पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आने के बाद भी डिवाइस के जरिये दोनों ट्रेनें जहां की तहां रुक जायेंगी। और तो और मिलेट्री मिनी-35 का आविष्कार भी यह नन्हा वैज्ञानिक इन दिनों कर रहा है। यह यंत्र देश की सीमा में बार्डर पर घुसकर दुश्मनों पर गोले बरसायेगा। यह यंत्र सौ लोगों को एक बार में भी मौत के घाट उतारने की क्षमता रखता है। अब देश की सीमाओं की रक्षा के लिये यह बाल वैज्ञानिक फ्लाई रोबोट बना रहा है। इस वैज्ञानिक के नये आविष्कार जिला मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर सुमेरपुर क्षेत्र के इंगोहटा गांव में ओमप्रकाश धुरिया का पुत्र अमन धुरिया इन दिनों समूचे क्षेत्र में बाल वैज्ञानिक के रूप में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसने अभी तक एक दर्जन से ज्यादा आविष्कार कर सभी को हैरतअंगेज कर दिया है। बिजली चोरी रोकने के लिये इसने ऐसी मशीन का आविष्कार किया है जो निर्धारित लोड से ज्यादा बिजली का उपयोग करने पर बिजली की सप्लाई बंद हो जायेगी। घर की बिजली भी हाथ से ताली बजाने पर जलने और बुझने की भी एक मशीन इस वैज्ञानिक ने बनायी है। वहीं मोबाइल फोन में एक खास नम्बर से कार का इंजन लाक होने और खुलने का आविष्कार किया गया है। मोबाइल से ही नलकूप के चलने और बंद होने का भी इसने अनोखा आविष्कार किया है। इसके अलावा यह वैज्ञानिक जमीन की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने और मिट्टी को ठीक करने के लिये भी एक फ्लटर बना रहा है। जिला विज्ञान क्लब के जिला समन्वयक डा.ज्ञानेन्द्र कुमार ने सोमवार को बताया कि अमन धुरिया बहुत ही गरीब है जिसने कक्षा सातवीं में पढ़ाई के साथ-साथ नये-नये आविष्कार किये है। उसने वैज्ञानिक बनकर देश और देश की सीमा को महफूज रखने का सपना देखा है जिसे अब वह पूरा करने की दिशा में जुटा हुआ है। अभी तक इसे सरकारी तौर पर कोई प्रोत्साहन नहीं मिला हैै। जिले की एक शिक्षण संस्थान ने इस बाल वैज्ञानिक को, पढ़ाने और वैज्ञानिक बनाने के लिये गोद लिया है। ट्रेन हादसे रोकने को यंत्र का आविष्कार अमन धुरिया ने बताया कि देश में आये दिन ट्रेन हादसे होते है जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है। ट्रेन हादसे रोकने के लिये ऐसे यंत्रों का आविष्कार किया गया है जिससे एक ही पटरी पर दोनों ट्रेनों के आने और ड्राईवर को सो जाने के बाद भी दोनों ट्रेनें इस यंत्र के कारण खुद जहां की तहां रुक जायेगी। यह यंत्र ट्रेन के इंजन और सिग्नल में लगेंगे। इस यंत्र को ट्रेन सिग्नल नाट एक्सीडेंट नाम दिया गया है। इसके अलावा ट्रेन फेस टू फेस नाट एक्सीडेंट का आविष्कार भी किया गया है जिससे ट्रेन एक्सीडेंट नहीं होंगे। इन यंत्रों को बनाने में आठ हजार रुपये का खर्च आया है। मिलेट्री मिनी-35 यंत्र का किया आविष्कार नये-नये आविष्कार कर सुर्खियों में आये अमन धुरिया ने बताया कि इस समय इलेक्ट्रानिक गन का आविष्कार किया जा रहा है। इस गन को टच करते ही यह आन हो जायेगी और आटोमेटिक फायर होने लगेंगे। इसके साथ ही मिलेट्री मिनी-35 यंत्र का आविष्कार किया जा रहा है। यह यंत्र गोलाकार में होगा जो देश की सीमा के बाहर बार्डर में घुसकर न सिर्फ हवा में उड़ेगा बल्कि फायर भी करेगा। मिसाइल व आटोमेटिक गन से लैस यह यंत्र, बार्डर के अंदर घुसकर एक बार में सौ लोगों को मार सकने में सक्षम होगा। इस यंत्र को रिमोट से कन्ट्रोल भी किया जा सकता है। बाल वैज्ञानिक ने बनाया अनोखा रोबोट इस छात्र ने ऐसा अनोखा रोबोट का आविष्कार किया है जो हवा में भी उड़कर युद्ध के दौरान दुश्मनों से मोर्चा लेगा। यह पढ़ाई के साथ-साथ ट्रेनिंग में भी देगा।
अपने देश के सैनिकों की जान बचाने के लिये टैंक अनलिमिटेड वायरलेस कनेक्टेक्ट यंत्र का भी आविष्कार किया गया है जो युद्ध की स्थिति में यह दुश्मनों पर आटोमेटिक गोले बरसायेगा। इसके अलावा खारा पानी और प्रदूषित पानी को पीने योग्य बनाने के लिये भी यह वैज्ञानिक इस समय आविष्कार कर रहा है। अमन धुरिया के मुताबिक खारा पानी को केमिकल के जरिये पीने योग्य बनाया जायेगा। राष्ट्रपति ने बाल वैज्ञानिक को किया था पुरस्कृत अमन धुरिया ने पिछले साल दिसम्बर महीने में लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में अपने आविष्कार की एक प्रदर्शनी लगायी थी जिसे देखकर राष्ट्रपति रामनाथ कोबिंद बड़े ही प्रभावित हुये थे। उन्होंने इस बाल वैज्ञानिक को शाबासी देते हुये सम्मानित भी किया था। डा.एमके सिद्दीकी ने इस बाल वैज्ञानिक को पुरस्कृत करने के साथ ही इसके आविष्कार की सराहना की थी वहीं हमीरपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी उदयवीर सिंह यादव ने अमन धुरिया के अनोखे आविष्कार देख दंग रह गये थे।
उन्होंने अमन धुरिया को आगे बढऩे के लिये आर्थिक मदद भी मुहैया करायी थी। आविष्कार देख शिक्षण संस्थान ने लिया गोद कक्षा दसवीं के छात्र अमन धुरिया के हैरतअंगेज करने वाले आविष्कार को देख अभिनव प्रज्ञा इण्टरकालेज सरीला के प्रबंधक डा.एसके सिंह प्रभावित हुये और उन्होंने इस छात्र को आगे की पढ़ाई के साथ ही नये-नये आविष्कार करने के लिये गोद ले लिया है। इस छात्र का एडमीशन इस साल विद्यालय में किया गया है। मुफ्त शिक्षा के साथ ही अमन अब विद्यालय में ही रहेगा। उसे आविष्कार करने का खर्चा भी विद्यालय प्रबंधन दे रहा है। हमीरपुर के विज्ञान क्लब के जिला समन्वयक डा.ज्ञानेन्द्र कुमार ने भी बाल वैज्ञानिक को कम्प्यूटर व विज्ञान की किट दी है।

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