कानपुर :आरटीओ में दलालों के गठजोड़ से आनलाइन आवेदक टेस्ट के लिए लगा रहे चक्कर

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कानपुर, 23 जून। प्रदेश सरकार की लाख सख्ती के बावजूद आरटीओ में दलालों को बोल-बाला थमता नहीं दिख रहा है। आरटीओ अफसरों व दलालों के गठजोड़ के चलते ऑन लाइन आवेदन के लिए लांच सारथी साफ्टवेयर के जरिये भी आवेदकों को भी लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है। आवेदकों की समस्याओं को लेकर कवरेज करने पहुचे पत्रकारों को देख आरटीओ कार्यालय में अफसरों के कमरों व परिसर से दलाल भाग खड़े हुए।
भ्रष्टाचार का अड्डा बने चुके कानपुर के आरटीओ कार्यालय में दलालों का बोल-बाला आम आदमियों के लिए परेशानी सबब बना हुआ है। शनिवार को लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों आवेदक लाइनों में खड़े थे। यही नहीं सहूलियत के लिए विभाग की ओर से लांच की गई सारथी एप पर आवेदन कर टेस्ट के लिए आये लोग भी घंटे खड़े थे। जबकि दलालों की मिलीभगत से लर्निंग लाइसेंस, परमानेंट लाइसेंस टेस्ट के लिए या फोटो खिंचवाने के लिए दी गई स्लॉट आने से पहले ही घूस लेकर उनके काम किये जा रहे थे।

इस बीच लाइनों में खड़े लोगों ने आरोप लगाने शुरू कर दिये। मामले की भनक लगते ही मीडिया आरटीओ कार्यालय कवरेज करने पहुंच गई। जैसे ही पत्रकारों को दलालों ने देखा तो वह अफसरों के कमरों में से भाग खड़े हुए। इस दौरान परिसर में कई जगह दलालों ने फार्म भी भारी संख्या में फेंक दिये। कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन दलालां के काम हो रहे हैं पर आवेदकों का पैसे न देने के कारण काम नहीं होता है। इसके अलावा परमानेंट और लर्निंग आरआई दोनों अपने ऑफिस से नदारद थे।
आवेदक राकेश कुमार ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन कोई काम नहीं हो रहा है। सारथी एप पर आवेदन करने के बावजूद भी यहां पर कोई काम नहीं होता। दलालों के जरिये एक दिन में ही लाइसेंस बन जाते हैं। आवेदकों की समस्या को लेकर जब एआरटीओ प्रशासन आदित्य कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एप पर आवेदन करने वालों को हो रही असुविधा की जानकारी नहीं है। मामले में नदारद आरआई की जानकारी कर कार्यवाही की जाएगी। वहीं दलालों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अगर किसी बाबू के पास कोई भी बाहरी व्यक्ति बैठा मिलता है तो कार्यवाही की जाएगी।

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