पढ़ाते समय विषयाचार्यों और विद्यार्थी दोनों की तरफ रखें ध्यान : भारतीय शिक्षण मंडल

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कानपुर, 19 जून । भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वावधान में आयोजित ‘‘दो दिवसीय आचार्य गरिमा शिविर’’ के अंतिम दिन विषय शिक्षण विधि-विषय विशेषज्ञों ने बतायी। विशेषज्ञों ने बताया कि गणित, विज्ञान, कला, भाषा, वाणिज्य आदि सभी विषयों को पढ़ाते समय विषयाचार्यों को ब्लैक बोर्ड और विद्यार्थी दोनों की तरफ समान रूप से ध्यान रखना चाहिये।

इसी प्रकार विद्यार्थी भी विषयाचार्य और ब्लैकबोर्ड दोनों का ध्यान रखते हुये यह देखते हैं कि पढ़ाने वाले विषयाचार्य उनकी तरफ कितना ध्यान दे रहे हैं। यदि विषयाचार्य केवल ब्लैक बोर्ड पर लिखने समझाने का ही ध्यान रखेंगे तो विद्यार्थी का ध्यान भटक जायेगा। विद्यार्थी अपने विषय को उतना ही ग्रहण करता है जितना उसके शिक्षक उसकी तरफ ध्यान देते हैं। भारतीय संस्कृति के धार्मिक ग्रन्थों में ज्ञान-विज्ञान भरा पड़ा है। प्रतीकों में सरलता से विज्ञान के गूढ़़ रहस्यों को समझाया गया है। अपने विषय को राचेक बनाइये भारतीय धार्मिक ग्रन्थों के संदर्भ लेकर विद्यार्थी को समझाइये यह सरल है और रूचिकर है।

रामचरित मानस के अनेक दोहे और चौपाइयां भौतिक विज्ञान के सूत्रों-सिद्धांथों को शिक्षक की भांति पढ़ाते हैं। आपके विद्यार्थी इन्हें पहले से जानते हैं अब आपका कार्य सरल है। भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। अर्थशास्त्र पढ़ाते हुये विद्यार्थी को उसके वस्त्रों की खरीद, मोहल्ले की परचून दुकान से लेकर सड़क निर्माण पर व्यय की चर्चा कीजिये विद्यार्थी समझेगा कि अर्थशास्त्र तो दिन-प्रतिदिन के आय-व्यय का लेखाजोखा है।

विषय विशेषज्ञों ने रसायन शास्त्र, गणित और जीवविज्ञान के सरलम उदाहरण दिये जो हमारे दैनिक जीवन से जुड़े हैं। भारतीय शिक्षण मण्डल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा0 अंगद सिंह ने कक्षा प्रबन्धन पर प्रकाश डालते हुये बताया कि प्रभावशाली और परिणामकारी कक्षा कैसे बने।

प्रधानाचार्या डा0 गीता मिश्र ने व्यवस्थाओं का संचालन किया। मंजूषा श्रीवास्तव ने गीत ‘‘मनुष्य तू बड़ा महान है……’’ तथा कविता सिहं ने ‘‘जिस दिन सोया राष्ट्र जगेगा……’’ प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मजूं शुक्ला, श्रीप्रकाश त्रिवेदी, डा0 ममता तिवारी, माधव प्रताप सिहं, सुधा सिंह, उमा सक्सेना, रामयज्ञ सिंह, रोली द्विवेदी, अवनीश उपाध्याय, सुधीर शक्ुला, डा0 विपिन शुक्ला, क्षमा जी, रश्मि त्रिपाठी आदि उपस्थित रहें।

शिविर में ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन, बी.एन.एस.डी. बालिका विद्यालय, जी.एन. के. विद्या मिंदर, बी.एन.एस.डी. शिक्षा निकेतन, नारायणी देवी सनातन धर्म विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओ ंने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

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