कानपुर : मुख्यमंत्री ने किया आनलाइन चालान, कम हुआ यातायात के नियमों का उल्लंघन

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-पुलिस ने गांधीगिरी कर लोगों को यातायात का पढ़ा रही पाठ
कानपुर, 17 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के जरिये अपने हाथों से एक युवक का चालान किया। इसके साथ ही शहर की बेपटरी यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिये सख्त निर्देश दिये। जिसके बाद से पुलिस गांधीगिरी कर लोगों को शरबत पिलाकर यातायात के नियमों का पाठ पढ़ा रही है। इसी का नतीजा है कि अब वाहन चालकों में यातायात के प्रति गंभीरता दिख रही है और यातायात के नियमों के उल्लंघन में कमी आती दिख रही है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर पंहुचे और तीस करोड़ की लागत के इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) का शुभारंभ किया था। लेकिन इस दौरान आईटीएमएस सेंटर में मुख्यमंत्री ने कानपुर के यातायात की स्थिति देखी तो हतप्रद रह गये और अपने हाथों से बड़े चौराहे पर रेड लाइट जंप करने वाले बाइक सवार शाहिद का पहला चालान किया।

चालान करने के बाद शहरवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भावनात्मक अपील की थी कि अपने परिवार के लिये यातायात के नियमों से खिलवाड़ न करें। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईटीएमएस के जरिये कानूनी कार्यवाही तो करें ही साथ ही लोगों को सुचारू रूप से चलने वाले यातायात के विषय में जानकारी दी जाये। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कानपुर पुलिस इन दिनों यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों को गांधीगिरी कर इस भीषण गर्मी में शरबत पिलाकर शपथ दिला रही है कि यातायात का उल्लंघन नहीं करेंगें।

जिसके चलते पुलिस के इन सात दिनों के अभियान से अब शहर के यातायात व्यवस्था का नजारा कुछ बदला सा नजर आ रहा है। शहर के अब किसी चौराहे में लोग रेड लाइट को जंप करते नहीं दिखते और यातायात पुलिस को भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। देखा जा रहा है कि जो पुलिस पहले डंडे के जरिये यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए जद्दोजहद करती थी अब रेड लाइट जलते ही एक इशारे में वाहन रूक जाते हैं।

हालांकि पुलिस का यह प्रयोग पहला नहीं है इस तरह के प्रयोग कानपुर सहित हर शहर में पुलिस कर चुकी है। लेकिन मुख्यमंत्री की भावनात्मक अपील और सख्ती से पुलिस काफी हद तक इस प्रयोग में सफल दिखाई दे रही है। पुलिस इस अभियान के तहत अब तक लगभग दो लाख से अधिक उन लोगों को मीठा शरबत पिलाया जो सड़कों पर नियमों का उल्लंघन कर सरकस करते नजर आते हैं। हो सकता है तमाम वाहन चालक अन्य अभियानों की तरह खाकी के इस नेक प्रयास को भी भुला दें, लेकिन समाज के ऐसे एक बड़े तबके पर गंभीर सवाल खड़ा हो गया है जो अपनी हिफाजत भी खुद नहीं करना चाहते।

इसी के चलते पुलिस के इस प्रयोग की जगह-जगह चर्चा हो रही है। ऐसे में उम्मीद है कि लोग यातायात के नियमों के प्रति गंभीर होंगें और अपने को सुरक्षित रख सकेंगें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने बताया कि अभी लोगों को शरबत पिलाकर शपथ दिलाई जा रही है। इसके बाद आईटीएमएस सिस्टम के जरिये यातायात का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जायेगा।

25 हजार से अधिक लोग करते हैं उल्लंघन
यातायात पुलिस विभाग के एक अनुमान के मुताबिक शहर में रोजाना 25 हजार से ज्यादा वाहन चालक यातायात के नियमों का उल्लंघन करते हैं। जिसके चलते जो लोग यातायात के नियमों का पालन भी करना चाहते हैं तो वह भी मनोवैज्ञानिक रूप से इस भीड़ का हिस्सा बन जाते हैं। जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो जाती थी और पुलिस के जवान लाचार पड़ जाते थे। यही नहीं कार्रवाई करने से पहले ही वाहन चालक अपनी पंहुच का गुणगान कर फोन से बात कराने का प्रयास करता है।

लेकिन अब आनलाइन चालान की व्यवस्था से लोगों में खौफ पैदा हो रहा है। यातायात पुलिस की माने तो इस प्रयोग के जरिये जब यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले दोपहिया वाहन चालकों पर पूछा गया तो उनके जवाब भी अजब-गजब थे। ज्यादातर लोगों का कहना यह था कि वे अपने स्थान पर जल्दी पहुंचने और पेट्रोल की बचत के लिये ऐसा करते हैं।

वहीं कुछ का कहना था कि जब सब नियम तोड़ रहे थे तो हम लोग क्यों ऐसा न करें। इस तरह के मिल रहें जवाबों एक बात तो साफ है कि यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिये पुलिस के इस अभियान के साथ ही समाज के सामूहिक प्रयास भी उतने ही आवश्यक हैं।
सड़क दुर्घटनाओं में कानपुर सबसे आगे
यातायात पुलिस के आंकड़ों के लिहाज से देश में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनायें उत्तर प्रदेश में होती हैं। जिसमें एक माह में बीस हजार से ज्यादा लोग मौत के गाल में समा जाते हैं। उनमें कानपुर का ग्राफ सबसे अधिक है, यहां का औसत करीब पांच सौ का है। यही नहीं सड़कों पर घायल होने वालों की संख्या में मामले में भी कानपुर सबसे आगे है।

मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईटीएमएस सेंटर के शुभारंभ के बाद जनता को संदेश दिया था कि अभी तक प्रदूषण की वजह से कानपुर बदनाम था। शहर के प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण अनियंत्रित ट्रैफिक सिस्टम था। इस आधुनिक सेवा से कानपुर का ट्रैफिक भी नियंत्रित होगा और लोगों को जाम से भी निजात मिलेगी। ट्रैफिक नियंत्रित होने से श्रम और रुपये की बरबादी रुकेगी। जाम लगने से जनता का श्रम, रुपया बरबाद होता है।

जाम में लोगों के फंसने से ईधन की बरबादी होती है और शहर का प्रदूषण बढ़ता है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में जितनी पुलिस की जिम्मेदारी बनती है उससे कई अधिक आम जनता का दायित्व है कि वह ट्रैफिक नियमों का शत-प्रतिशत पालन करें। इससे अपनों के साथ दूसरों को भी सहूलियत देंगे। ट्रैफिक का मामला सुरक्षा से जुड़ा है। आप नियमों का पालन करेंगे तो अपनों के साथ दूसरों को भी सुरक्षित करेंगे और अपने घर सुरक्षित पंहुच सकेगें।

अगर आप लोग यातायात के नियमों का पालन नहीं करेंगें तो बाकी का काम हैदराबाद ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की तरह काम करने वाला इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) कर देगा। इसके अर्न्तगत 68 चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल, दस चौराहों को मॉडल स्वरुप देते हुए सर्विलांस कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है। वहीं आरएलवीडी सिस्टम भी लगाया गया है जिसकी सहायता से रेड लाईट क्रास करने पर वाहन चालक की नंबर प्लेट पढ़कर उसके मालिक को सीधे चालान भेजा जा सकेगा।

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