कानपुर में एक बार फिर दिखा तूफान का कहर, करोड़ों का हुआ नुकसान

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कानपुर, 13 जून । मानसून आने में भले ही अभी पांच या छह दिन शेष हैं लेकिन देर रात बारिश के साथ ही तूफान ने तबाही मचा दी। जिससे जनपद में सैकड़ों पेड़ गिर गये और बिजली के पोल भी भीषण तूफान में नहीं टिक सके। जिसके चलते बुधवार को भी दर्जनों गांव व शहरी क्षेत्र के कई मोहल्ले बिजली के लिये तरसते रहे। वहीं सबसे ज्यादा नुकसान नगर निगम व आम जनमानस का हुआ।

हालांकि अबकी बार देर रात आये तूफान में जनहानि नहीं हुयी है क्योंकि उस समय ग्रामीण क्षेत्र के लोग ज्यादातर नींद में थे और शहरी क्षेत्र में लोगों का आवागमन रहा। जिला प्रशासन का मानना है कि जनपद में मौसम के इस रूख से करोड़ों का नुकसान हो गया है।

बुधवार को दिन में जहां जून माह का सबसे गर्म दिन रहा तो वहीं देर रात लोग मौसम का रूख अचानक बदल गया और देखते ही देखते तूफान के साथ बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया। जो कई घंटों तक तबाही मचाता रहा और शहरी क्षेत्र में सड़कों पर चल रहे लोग अपने को असुरक्षित महसूस करने लगे और जो जहां पर सुरक्षित जगह पाया वहीं पर खड़ा हो गया।

मौसम की इस तबाही से नगर निगम द्वारा जनपद में अलग-अलग जगहों पर लगाई गई करीब 11 हजार होर्डिंग्स पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं। जिससे नगर निगम के साथ विज्ञापनदाताओं को भी भारी नुकसान हो गया। आलम यह रहा कि बड़ी-बड़ी कंपनियों की होर्डिंग्स के चिथरे-चिथरे उड़ गयें।

इसी तरह बिजली के सैकड़ों पोल गिरने व ट्रांसफार्मर जलने से जहां शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बिजली गुल हो गई तो वहीं विभाग को आर्थिक हानि हुई। आंधी व तूफान के साथ बिजली गिरने से सैकड़ों पेड़ भी गिर गये और कई जगहों पर तो पेड़ गिरने से रास्ता ही अवरूद्ध हो गया। इसके अलावा कई जगहों पर बड़े पुराने पेड़ गिरने से दर्जनों वाहन दब गयें।

हालांकि रात का समय होने से ग्रामीण क्षेत्र में लोग सो रहे थे जिससे जनहानि नहीं हो सकी। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में तूफान की रफ्तार शहरी क्षेत्र से अधिक रहा। मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरूद्ध दुबे ने बताया कि शहरी क्षेत्र में तूफान की रफ्तार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा व ग्रामीण क्षेत्र में 125 से लेकर 150 किलोमीटर प्रति घंटा रहा।

तूफान के चलते धड़ाम हुई बिजली व्यवस्था का दंश बुधवार को लोगों को झेलना पड़ा और शहर के दर्जनों मोहल्लों में पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। जिससे लोग आस-पास लगे हैंडपंपों में लंबी लाइने लगाने को मजबूर हो गये। मौसम के इस रूख से किसानों की जायद की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ।

जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि जनपद में अभी तक इस तबाही से किसी की मौत की खबर नहीं आई है। यह अलग बात है कि ऐसे मौसम में जनपद में करोड़ों का नुकसान हो गया। बिजली विभाग को सख्त निर्देश दिये गयें हैं कि जल्द ही व्यवस्था को सुधार कर बिजली निर्वाध रूप से संचालित की जाये।

कहा कि किसानों की फसलों के नुकसान का आंकलन राजस्व विभाग से कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिनके मकान गिर गयें हैं, उनकी भी जांच कर शासन को रिपोर्ट भेज कर मुआवजा दिलाने का काम किया जा रहा है। बताते चलें कि मई माह में आये तूफान से कानपुर जनपद में करोड़ों के नुकसान के साथ ही चार लोगों की मौत भी हो गयी थी, क्योंकि वह तूफान दिन के दूसरे पहर आया था। वहीं किसी प्रकार की तबाही से निपटने के लिये जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को निर्देश दिया कि 24 घंटे मोबाइल ऑन रहने चाहिये।

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