नई दिल्ली: राज्यपाल के घर पर केजरीवाल का धरना

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नई दिल्ली, 12 जून। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल एक बार फिर धरने पर बैठ गए हैं। इस बार उन्होंने धरने के लिए दिल्ली के राज्यपाल का घर चुना है। केजरीवाल की तरफ से कहा गया है कि जब तक उनकी सरकार के निर्देश न मानने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती और घर-घर राशन की उनकी योजना को राज्यपाल मंजूरी नहीं देते, वे राज्यपाल के घर पर ही धरना देंगे। केजरीवाल के साथ दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और वरिष्ठ मंत्री सत्येन्द्र जैन भी धरने पर बैठे हैं। दरअसल आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली विधानसभा का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था।

इस विशेष सत्र का उद्देश्य दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को एक बार फिर पारित कराना बताया गया था। सोमवार की शाम विधानसभा की कार्यवाही के बाद मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के साथ उनके कुछ मंत्रिमंडलीय सहयोगी राज्यपाल से मिलने राजनिवास गए। राज्यपाल से क्या बातचीत हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई लेकिन उनके बंगले से बाहर निकलकर आंगतुक कक्ष में दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने धरना दे दिया। हालांकि मुख्यमंत्री राज्यपाल के घर में धरने पर बैठे हैं। शुरुआत में इसकी आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी।

पहले 04 घंटे पार्टी इस मसले पर चुप्पी साधे रही। रात 11 बजे के बाद बताया गया कि वे अपनी मांगों के समर्थन में धरना दे रहे हैं। राजनिवास के बाहर देर रात से आआपा के समर्थक कार्यकर्ता डेरा लगाए हुए हैं। वे एलजी साहब दिल्ली छोड़ो के नारे लगा रहे हैं। अरविन्द केजरीवाल का आरोप है कि केन्द्र सरकार के इशारे पर प्रशासनिक अधिकारी राज्य सरकार के कामकाज में सहयोग नहीं कर रहे हैं, सरकार के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं, राज्य सरकार द्वारा बुलाई जा रही बैठकों का बहिष्कार कर रहे हैं। यह सब अधिकारी राज्यपाल के अधीन हैं और उनसे निर्देश ले रहे हैं। तब राज्यपाल सरकार और सरकारी अधिकारियों के बीच बने हुए गतिरोध को तोड़ने का काम क्यों नहीं कर रहे हैं। वे उन अधिकारियों को संरक्षण क्यों दे रहे हैं जो सरकार के निर्देशों को धता बताकर बैठक और सदन में बुलाए जाने पर भी नहीं आते।

इसी के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री का कहना है कि घर-घर राशन पहुंचाने की उनकी महत्वाकांक्षी योजना को राज्यपाल मंजूरी नहीं दे रहे हैं और मंजूरी न दिए जाने का कोई कारण भी नहीं बता रहे हैं। इस बीच राज्यपाल के घर के बाहर पहुंचे आप नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार के इशारे पर राज्यपाल लाट साहब की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को देर रात अपने घर बुलाकर अपमानित करने और कथित तौर पर पिटाई करवाने के बाद से ही दिल्ली में सेवारत प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकार की बैठक में न जाने का निर्णय किया था। यह मामला अभी न्यायालय में लंबित है और मुख्य सचिव से मारपीट की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

इस मामले में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री सहित अनेक विधायकों और कर्मचारियों से पूछताछ हो चुकी है। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने भी कुछ प्रशासनिक अधिकारियों को विधानसभा में उपस्थित रहने का निर्देश भेजा, जिसके खिलाफ वे अधिकारी कोर्ट चले गए। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक उन अधिकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा रखी है। सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की इस खींचतान के लिए केजरीवाल राज्यपाल को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वे दिल्ली में एलजी, दिल्ली छोड़ो अभियान चलाने की घोषणा कर चुके हैं।

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