कानपुर;विश्वविद्यालय में फेल छात्रों ने काटा हंगामा, पुलिस लाठीचार्ज में दर्जनों अस्पताल में भर्ती 

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वर्ल्ड खबर एक्सप्रेस न्यूज

कानपुर, 11 जून । छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में सैकड़ों छात्र व छात्राओं ने परीक्षा में लापरवाही से कापी जांचने का आरोप लगा हंगामा काटा। छात्रों ने जीटी रोड को जाम कर दिया। जिसके बाद कई थानों की फोर्स मौके पर पंहुची और जमकर लाठियां भाजीं। जिससे कई दर्जन छात्र व छात्रायें चुटहिल हो गयें और एक दर्जन गंभीर रूप से घायल छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने करीब 10 दिन पहले बीएससी का परीक्षा परिणाम घोषित किया है। जिसमें परिणाम का प्रतिशत बहुत कम होने पर ज्यादातर छात्र व छात्रायें फेल हो गये। इस परिणाम में बीएससी द्वितीय वर्ष की स्थिति और खराब रही, कुछ छात्रों को तो किन्ही किन्ही विषयों शून्य अंक तक मिले। जिसको लेकर छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन करवाने को लेकर मांग की लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांग पर कोई विचार नहीं किया। जिसके चलते सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले करीब चार सौ फेल छात्र व छात्रायें विश्वविद्यालय में विरोध दर्ज कराने लगे। घंटों विरोध प्रदर्शन के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई भी जिम्मेदार छात्रों से वार्ता करने की जुर्रत नहीं समझी। जिसके बाद छात्र उग्र हो गये और जीटी रोड को जाम कर जमकर विश्वविद्यालय के गेट हंगामा करने लगे और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

जीटी रोड जाम होने की सूचना पर कई पंहुची कई थानों का फोर्स छात्र व छात्राओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र विश्वविद्यालय के अधिकारियों को मौके पर बुलाने के लिये अड़ गये। मामला बढ़ता देख पुलिस ने जमकर लाठियां भाजीं तो छात्रों ने भी पथराव कर दिया। जिससे कई दर्जन छात्र व छात्रायें चुटहिल हो गये और करीब एक दर्जन छात्रों को अधिक चोट लगने पर पुलिस ने हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। छात्रों का कहना है कि बीएससी की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही ढंग से नहीं किया गया इसलिए दोबरा मूल्यांकन होना चाहिये। प्रदर्शन में पीपीएन, डीबीएस समेत अन्य कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

एबीवीपी के नेताओं का कहना
वहीं अखिल भारतीय विद्याथी परिषद के छात्र नेता आशुतोष ने बताया कि विश्विद्यालय प्रशासन ने पहले तो मूल्यांकन ठीक से नहीं किया अब उनका कहना है कि छात्रों के पास चैलेंज करने का अधिकार है। लेकिन इसमें सबसे बड़ी समस्या है कि चैलेंज करने की फीस तीन हजार रुपए हैं। ऐसे में एक आम छात्र इतने पैसे कहां से लाएगा।

यह गड़बड़ी विश्वविद्यालय की ओर से हुई है और विश्वविद्यालय को ही उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराना चाहिये। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रांतीय संगठन मंत्री विजय प्रताप ने कहा विद्यार्थी परिषद इस मामले की गंभीरता से जांच की मांग करेगा। कहा प्रथम दृष्टतया यह संभव ही नहीं है कि 65 से 70 फीसदी छात्र फेल हो जायें। कहा, अगर शिक्षक ने कॉपिया गलत जांची तो उन पर कार्रवाई होगी और अगर छात्रों ने कुछ गलत लिखा होगा तो उन्हें खामियाजा भुगतना होगा। प्रदर्शन में पीपीएन, डीबीएस समेत अन्य कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

बोले कुलसचिव
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजय स्वर्णकार ने बताया कि सोमवार को विश्वविद्यालय में परीक्षायें चल रहीं थी। जिसके कारण नारेबाजी कर रहे छात्रों को पुलिस ने गेट के बाहर ही रोकने का प्रयास किया और इस पर छात्रों ने पथराव कर दिया। कहा कि छात्रों के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले को लेकर चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठित कर दी गयी है। जांच कमेटी एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यदि विश्वविद्यालय की ओर से मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई होगी तो उसमें सुधार किया जायेगा।

एसपी का कहना
पुलिस अधीक्षक पश्चिमी संजीव सुमन ने बताया कि पुलिस ने एबीवीपी के नेता अभिषेक सहित एक दर्जन से अधिक छात्र छात्राओं को हिरासत में लिया है। भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद है। विश्वविद्यालय में चल रहीं परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं पंहुचेगी। पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज पर कहा कि पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया है छात्रों को भगाने के लिये जमीन लाठी पटकी गयीं हैं और जीटी रोड में लगे जाम को हटाया गया है। आरोप लगाया कि छात्रों के इस आंदोलन में अखिल भारतीय वद्यिर्थी परिषद ने उतर कर मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई है।

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