मोदी ने एससीओ सम्मेलन में कनेक्टिविटी पर दिया जोर

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चिंगदाओ (चीन) ,10 जून । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन इसके पूर्ण सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पड़ोसियों के साथ कनेक्टिविटी पर जोर दिया। मोदी ने कहा कि सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने ने एक नया मंत्र भी दिया, जिसे उन्होंने ‘सेक्यूर’ नाम दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए छह कदम उठाने जरूरी हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पर्यटन पर भी अपना ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि एससीओ देशों से भारत आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, लेकिन यह संख्या कुल पर्यटकों का केवल छह प्रतिशत है। इस आंकड़े को दोगुना करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से पीड़ित अफगानिस्तान का भी जिक्र किया और कहा कि राष्ट्रपित गनी ने शांति की तरफ जो कदम उठाए हैं। क्षेत्र में सभी को सम्मान उनका करना चाहिए। विदित हो कि मोदी शनिवार को अपने इस दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे। सम्‍मेलन के स्‍वागत समारोह में रविवार को उनकी चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात हुई। इससे पहले शनिवार को पहुंचते ही मोदी ने एससीओ समिट से इतर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की थी। इस द्विपक्षीय वार्ता में दोनों नेताओं ने करीब एक महीने पहले वुहान में हुई पहली अनौपचारिक बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन पर चर्चा की। पिछले चार साल में यह दोनों नेताओं की 14वीं मुलाकात है। इस दौरान पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच बाढ़ के आंकड़े उपलब्ध कराने और चावल के निर्यात के नियम सरल बनाने को लेकर समझौतों पर दस्तखत हुए।

पहले समझौते में भारतीय राजदूत गौतम बंबावाले और चीनी उप विदेश मंत्री कोंग शौनयू ने हस्ताक्षर किए। इसके बाद दूसरे समझौते में गौतम बंबावाले और चीनी के मंत्री नी यूफेंग ने दस्तखत किए। उल्लेखनीय है कि भारत पिछले साल ही शंघाई सहयोग संगठन का पूर्ण सदस्य बना था। एससीओ के पूर्ण सदस्यों में भारत, चीन, रूस, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान, पाकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। अफगानिस्तान, मंगोलिया, ईरान और बेलारूस पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) हैं।

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