कानपुर ;प्रौद्योगिकी के साथ प्रकृति का रखें विशेष ख्याल : प्रमुख सचिव

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-उच्च तकनीक छात्रों को प्रमुख सचिव ने पर्यावरण जागरूकता का पढ़ाया पाठ
कानपुर, 06 जून । हमारा जीवन प्रकृति पर निर्भर करता है और हमें प्रकृति के लिए आभारी होना चाहिए। लेकिन यह देखा जा रहा है कि भारत ही नहीं पूरे विश्व में प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे पर्यावरण का संतुलतन बिगड़ता जा रहा है। ऐसे में हमें इस बात विशेष ख्याल रखना चाहिये कि प्रौद्योगिकी के साथ विकास तो करें पर प्रकृति को क्षति भी न पंहुचायें। यह बातें उत्तर प्रदेश शासन की प्रमुख सचिव अनीता भटनागर जैन ने एचबीटीयू व आईआईटी जैसी कई संस्थाओं के इंजीनियरिंग छात्रों को संबोधित करते हुये कहीं।

पर्यावरण के प्रति जागरूकता के लिए प्रमुख सचिव अनीता भटनागर जैन ने कानपुर स्थित इस्कान मंदिर में पर्यावरण संरक्षण विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। जिसमें प्रदेश के कई संस्थाओं के लगभग दो सौ इंजीनियरिंग छात्रों ने भाग लिया। प्रमुख सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रौद्योगिकी के जरिये हम विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहें हैं, पर हम यह भूल जाते हैं कि उस तकनीक से प्रकृति को कितना नुकसान हो रहा है। लगातार हो रहे प्रौद्योगिकी के विकास से प्रकृति का संतुलन दिनों दिन बिगड़ता जा रहा है और खासतौर पर विकसित देश तो इस पर बिल्कुल ही नहीं ध्यान दे रहें हैं।

ऐसे में किसी भी विषय पर शोध कर तकनीक को विकसित करने से पहले यह जरूर सोचना चाहिये कि इससे जीव जंतुओं सहित प्रकृति का संतुलन किस कदर बिगड़ेगा। आगे कहा कि आज की पीढ़ी सिर्फ प्रौद्योगिकी के पीछे चल रही है और प्रकृति को भूल गई है, और इसके कारण हम प्रकृति से बहुत दूर जा रहे हैं। हमें प्रकृति के बारे में फिर से सोचना है, अभी बहुत देर नहीं हुई है। अगर हम प्रकृति की देखभाल करना शुरू करते हैं, और अधिक पेड़ लगाते हैं, तो एक दिन फिर से पूरी खुशी फैल जाएगी, लेकिन अगर हम कोई कार्रवाई नहीं करते हैं तो हमें भुगतना ही होगा। भटनागर ने उपस्थित प्रत्येक छात्र के साथ बातचीत की।

छात्रों ने उनसे बहुत प्रश्न पूछे, और अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अपनी पुस्तक “दिल्ली की बल्बुल“ भी दी। युवाओं ने भी कदम उठाया कि वे सभी बुरी आदतों में सुधार करेंगे। छात्रों ने बहुत सारे सबक सीखे जैसे “हमें पानी, प्रकाश आदि बर्बाद नहीं करना चाहिए“, “हमें ड्राइविंग करते समय हेलमेट का उपयोग करना चाहिए“। इस दौरान एचबीटीयू, सीएसजेएमयू, आईआईटी बीएचयू, बीएचयू विश्वविद्यालय, आईईटी लखनऊ, आईआईटी कानपुर, एमएनआईटी इलाहाबाद के छात्र मौजूद रहें।

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