विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में एक कानपुर का होगा कायाकल्प : मुख्यमंत्री

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कानपुर, 05 जून । विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर कानपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाई अभियान के प्रति लोगों को जागरूक किया। तो वहीं छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय के ऑडीटोरियम में भरे मंच से यह भी स्वीकार कर लिया कि कानपुर महानगर विश्व के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शुमार हो चुका है। यह सुन उपस्थित जनपद के सभी विभागों के अधिकारी पसीना-पसीना हो गये। तो वहीं ऐन वक्त में ऑडीटोरियम का एसी खराब हो गया जिससे अधिकारियों में खलबली मच गयी। हालांकि संबोधन के अंत में जब यह कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर हाल में कानपुर को प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर करने का काम करेगी और सभी विभाग मिलकर इस अभियान को सफल बनायेंगें, तब जाकर अधिकारियों ने कुछ राहत की सांस ली।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने जन्म दिवस और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मंगलवार को औद्योगिक राजधानी कानपुर पंहुचे। यहां पर उन्होंने सबसे पहले ट्रैफिक लाइन में यातायात के लिए बने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) का शुभारंभ किया। करीब आधा घंटे तक तीस करोड़ की लागत से बने आईटीएमएस का मुख्यमंत्री ने गहनता से निरीक्षण किया। इसी दौरान बड़े चौराहे पर रेड लाइट जंप करने वाले बाइक सवार शाहिद का उन्होंने खुद पहला चालान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धूल-धुआं और जाम नहीं बल्कि शहर में बढ़ने वाली सुविधाएं यानी अच्छाइयां कानपुर की पहचान बनेंगी। इसकी शुरुआत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के साथ शुरू हो गई है। साथ ही जनता से अपील की कि शहर का ट्रैफिक व्यवस्थित रखने में पुलिस के साथ-साथ आपका भी दायित्व है। ट्रैफिक नियमों का शत-प्रतिशत पालन करें। हालांकि योगी आदित्यनाथ की इस पहल से कानपुर का स्वरुप बदला जरूर नजर आ रहा है लेकिन अब देखना कि वर्षों से बदनाम कानपुर का यातायात किस मोड़ पर जाकर रूकता है।

खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी करें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईटीएमएस सेंटर के शुभारंभ के बाद जनता को संदेश दिया कि अभी तक प्रदूषण की वजह से कानपुर बदनाम था। शहर के प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण अनियंत्रित ट्रैफिक सिस्टम था। इस आधुनिक सेवा से कानपुर का ट्रैफिक भी नियंत्रित होगा और लोगों को जाम से भी निजात मिलेगी। ट्रैफिक नियंत्रित होने से श्रम और रुपये की बरबादी रुकेगी। जाम लगने से जनता का श्रम, रुपया बरबाद होता है। जाम में लोगों के फंसने से ईधन की बरबादी होती है और शहर का प्रदूषण बढ़ता है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में जितनी पुलिस की जिम्मेदारी बनती है उससे कई अधिक आम जनता का दायित्व है कि वह ट्रैफिक नियमों का शत-प्रतिशत पालन करें। इससे अपनों के साथ दूसरों को भी सहूलियत देंगे।

ट्रैफिक का मामला सुरक्षा से जुड़ा है। आप नियमों का पालन करेंगे तो अपनों के साथ दूसरों को भी सुरक्षित करेंगे। आगे कहा कि धूल-धुआं और जाम नहीं बल्कि शहर में बढ़ने वाली सुविधाएं यानी अच्छाइयां कानपुर की पहचान बनेंगी। इसकी शुरुआत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के साथ शुरू हो गई है। आईटीएमएस के विषय में जानकारी देते हुए केडीए उपाध्यक्ष सौम्या अग्रवाल ने बताया कि इसके अर्न्तगत 68 चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल, दस चौराहों को मॉडल स्वरुप देते हुए सर्विलांस कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है। वहीं आरएलवीडी सिस्टम भी लगाया गया है जिसकी सहायता से रेड लाईट क्रास करने पर वाहन चालक की नंबर प्लेट पढ़कर उसके मालिक को सीधे चालान भेजा जा सकेगा। कहा, कानपुर के यातायात को सुधारने के लिए हैदराबाद ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के आधार पर आईटीएमएस व्यवस्था काम करेगी। इस व्यवस्था में आईआईटी कानपुर के के प्रोफेसरों की भी मदद ली गयी है। शहर में पहली बार लागू हुयी इस व्यवस्था को लेकर लोगों में उत्साह दिखा।

गंगा मां है तो निभायें बेटे का फर्ज
इसके बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग द्वारा छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय के ऑडियोटोरियम में पंहुचे। यहां पर भाजपाइयों ने उनके जन्म दिवस पर लंबी उम्र की ढेर सारी बधाइयां दी। मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि पहले मैं सभी प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई देता हॅूं और खासतौर पर कानपुरवासियों को। जिन्होंने करीब तीन साल से गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिये काम कर रहें हैं। कहा, गंगा की व्यथा देख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नमामि गंगे परियोजना की शुरूआत की जिसका आभार व्यक्त करता हॅूं। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा को हम सब लोग मां कहकर पुकारते हैं। ऐसे में हम सभी बेटों का धर्म है कि उसकी रक्षा करें और शपथ लें कि न तो गंगा में गंदगी करेंगें और न ही किसी को गंदगी करने देंगें। इस पर उपस्थित लोगों हाथ उठाकर मुख्यमंत्री की बातों से सहमति जताकर गंगा की रक्षा करने का संकल्प लिया। आगे कहा, केन्द्र और प्रदेश सरकार इस पर बराबर काम कर रही है। लेकिन इस नेक कार्य में जनसहभागिता भी बहुत जरूरी है।

अगले वर्ष से पहले गंदे नालों से मुक्त हो जाएगी गंगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर नगर निगम खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुका है। यहां पर टूरिज्म के क्षेत्र में अनेक संभावनायें हैं। रही बात गंदगी तो इसके पीछे मुख्य कारण प्लास्टिक है और यह प्लास्टिक जीवन के लिये खतरा है। ऐसे में हम सब लोगों को यह शपथ लेना है कि उत्तर प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाना है। प्रदेश सरकार गंगा की सफाई के लिए कृत संकल्पित है और इसी के चलते सत्ता में आते ही गंगा के किनारे गिरने वाले नालों को टेपिंग के लिए काम शुरू कर दिया गया है और अवैध स्लाटर हाउस को बंद करा दिया गया है। कानपुर सहित अन्य जगहों की टेनरियों को गंगा के किनारे की बजाय दूसरी जगह शिफ्ट कराया जा रहा है। हर हाल में अगले वर्ष से पहले यानि 15 दिसम्बर तक उत्तर प्रदेश के गंगा में गिरने वाले सभी गंदे नालों को बंद कर दिया जायेगा और गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिये बराबर काम होते रहेंगें।
मुख्यमंत्री ने माना कानपुर सबसे प्रदूषित शहर
विश्व पर्यावरण दिवस पर छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय के ऑडियोटोरियम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भरे मंच से कानपुर की स्थित पर सच बोलने से भी नहीं चूके। कहा कि कानपुर महानगर विश्व में सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शुमार हो चुका है। यह सुन कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों में खलबली मच गयी और बंगले झाकने लगे कि आगे क्या होने वाला है। हालांकि उन्होंने इस पर किसी एक विभाग पर ठीकरा नहीं फोड़ा और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तन्मयता से काम कर रही है और कानपुर में लगा यह दाग हर हाल में धोने का काम करेगी। जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। वहीं पर्यावरण दिवस के मौके पर वृक्षारोपण करते हुए मुख्यमंत्री ने सफाई अभियान पर जोर दिया और खुद जागरूक होने की सलाह दी।

विपक्षियों पर कसा तंज
विपक्षी पार्टियों द्वारा लगाये जा रहे आरोपों का जवाब देते हुये कहा कि पिछली सरकारों से अधिक किसानों का ख्याल रखा जा रहा है। पहले एक लाख तक के ऋण को माफ कर किसानों की मदद की गयी। इसके बाद धान खरीद और गेंहू खरीद पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। कहा कि अब प्रदेश सरकार किसानों से सीधे गेंहू खरीद को पांच लाख मीट्रिक टन को बढ़ाकर 37 लाख मीट्रिक कर दिया गया है। तो वहीं कानून व्यवस्था में अपराधियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई किसी से छिपी नहीं है। आम जनमानस के विकास के साथ प्रदेश को अपराध मुक्त किया जा रहा है। जिसके चलते विपक्ष की सारी राजनीति खत्म होती दिखायी दे रही है और इसी के चलते मनगढ़ंत आरोप लगाये जा रहें हैं। लेकिन जनता सब कुछ जानती है और विश्वास है कि इन लोगों के बहकावे में नहीं आने वाली है।

मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानपुर आने पर जिला प्रशासन के सहयोग से चलने वाली जिला बाल कल्याण समिति ने फूलबाग स्थित बाल भवन में सोमवार को चित्रकला व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता के विजेताओं को जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सम्मानित किया। जिला बाल कल्याण समिति के महामंत्री हरिभाई खाण्डेकर ने बताया कि चित्रकला प्रतियोगिता में आराध्या गुप्ता, समृद्धि, वर्षा, अविरल त्रिपाठी, नव्या मोदी, अनुज राजपूत, अक्षरा सिंह, अर्पिता विश्वकर्मा, पुटुल सिंह, मानसी शर्मा, निश्चय गुप्ता, शिवानी वर्मा, निशा और कविता मिश्रा व निबंध प्रतियोगिता में सोमेश सिंह, भाविनी अवस्थी, शुभम तिवारी, हिमांशी बाजपेई, अनुज सिंह, सुरभि पाण्डेय, प्रीती यादव, साक्षी त्रिपाठी व क्षितिज पाण्डेय को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है।

मुख्यमंत्री के जाने के बाद नजरबंद से आजाद हुये सपाई
मुख्यमंत्री के शहर आगमन पर पुलिस को एलआईयू द्वारा सूचना मिली कि सपा कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। जिसके चलते पुलिस ने देर रात से ही सपा नेता अभिमन्यु गुप्ता समेत दर्जनों नेताओं को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। जिसमें कानपुर महानगर युवजन सभा अध्यक्ष बंटी यादव, वरुण यादव, पार्षद अर्पित यादव, पूर्व पार्षद आलोक यादव, अर्पित त्रिवेदी, राकेश दीक्षित, बिल्लू, रोहित शुक्ला, अर्जुन, जैकी कटियार, निखिल यादव आदि रहें। इन सभी को मुख्यमंत्री के शहर से जाने के बाद आजाद किया गया गया।

पुलिस की इस कार्रवाई से सपा में रोष व्याप्त है। नगर अध्यक्ष मोइन खान ने कहा कि योगी सरकार पूरी तरह से लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास नहीं है और इसी के चलते तानाशाही रवैया अपनाते हुये कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया है। कहा कि क्या सपा कार्यकर्ता अपराधी हैं जिसके चलते उनके घर पर दो-दो दरोगा और चार-चार सिपाहियों को लगा दिया गया। जिसका सपा विरोध करती है और पूरे मामले को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की जायेगी। आरोप लगाया कि योगी सरकार काम नहीं करती और विरोध के डर से पुलिस को हथियार बना रही है जो लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।

यह रहें मौजूद
कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान, राज्य मंत्री उपेन्द्र तिवारी, महापौर प्रमिला पाण्डेय, सांसद अंजू बाला, देवेन्द्र सिंह भोले, विधायक नीलिमा कटियार, महेश त्रिवेदी, भगवती सागर, अभिजीत सिंह सांगा, एमएलसी अरूण पाठक, जिलाध्यक्ष उत्तर सुरेन्द्र मैथानी, दक्षिण जिलाध्यक्ष अनीता गुप्ता, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार सहित जिला प्रशासन का अमला मौजूद रहा।

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