कानपुर : यूपी में दिसम्बर माह तक बंद हो जायेंगें गंगा में गिरने वाले नाले :सीएम योगी 

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कानपुर, 05 जून । विश्व पर्यावरण दिवस पर कानपुर पंहुचे सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा को मां कहा जाता है। ऐसे में हम पुत्रों का धर्म है कि उसकी रक्षा करें। केन्द्र और प्रदेश सरकार इस पर बराबर काम कर रही है। लेकिन इस नेक कार्य में जनसहभागिता भी बहुत जरूरी है। प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि 15 दिसम्बर के बाद से उत्तर प्रदेश में एक भी गंदा नाला गंगा में नहीं गिरेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने जन्म दिवस और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मंगलवार को औद्योगिक राजधानी कानपुर पंहुचे। यहां पर उन्होंने सबसे पहले ट्रैफिक लाइन में यातायात के लिए बने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) का शुभारंभ किया। इसके बाद छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय के ऑडियोटोरियम में पंहुचे। यहां पर भाजपाइयों ने उनके जन्म दिवस पर लंबी उम्र की ढेर सारी बधाइयां दी।

मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि पहले मैं सभी प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई देता हॅूंं और खासतौर पर कानपुरवासियों को। जिन्होंने करीब तीन साल से गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिये काम कर रहें हैं। कहा, गंगा की व्यथा देख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नमामि गंगे परियोजना की शुरूआत की जिसका आभार व्यक्त करता हॅूं। आगे कहा कि कानपुर नगर निगम खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुका है। यहां पर टूरिज्म के क्षेत्र में अनेक संभावनायें हैं। रही बात गंदगी तो इसके पीछे मुख्य कारण प्लास्टिक है और यह प्लास्टिक जीवन के लिये खतरा है। ऐसे में हम सब लोगों को यह शपथ लेना है कि उत्तर प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाना है।

प्रदेश सरकार गंगा की सफाई के लिए कृत संकल्पित है और इसी के चलते सत्ता में आते ही गंगा के किनारे गिरने वाले नालों को टेपिंग के लिए काम शुरू कर दिया गया है और अवैध स्लाटर हाउस को बंद करा दिया गया है। कानपुर सहित अन्य जगहों की टेनरियों को गंगा के किनारे की बजाय दूसरी जगह शिफ्ट कराया जा रहा है। हर हाल में 15 दिसम्बर तक उत्तर प्रदेश के गंगा में गिरने वाले सभी गंदे नालों को बंद कर दिया जायेगा और गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिये बराबर काम होते रहेंगें।

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुये कहा कि पिछली सरकारों से अधिक किसानों का ख्याल रखा जा रहा है। पहले एक लाख तक के ऋण को माफ कर किसानों की मदद की गयी। इसके बाद धान खरीद और गेंहू खरीद पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। कहा कि अब प्रदेश सरकार किसानों से सीधे गेंहू खरीद को पांच लाख मीट्रिक टन को बढ़ाकर 37 लाख मीट्रिक कर दिया गया है।

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