हमीरपुर : फर्जी नियुक्ति पत्र पर ज्वाइनिंग कराने आया जालसाज गिरफ्तार

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हमीरपुर, 04 जून । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला मुख्यालय में सोमवार को नेवेली थर्मल पावर के सुपरवाइजर को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर सदर तहसील में न्याय किशोर बोर्ड में ज्वाइनिंग कराने आये एक जालसाज को एसडीएम सदर राहुल यादव ने पकड़ लिया। सुपरवाइजर से बीस हजार रुपये नियुक्ति पत्र जारी करने के लिये ऐंठे गये थे। जालसाज को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। जिला मुख्यालय के गौरादेवी कालपी चौराहा निवासी प्रदीप कुमार सोनकर ने नेवेली थर्मर पावर प्लाण्ट लहुरीमऊ कानपुर में कार्यरत सुपरवाइजर रामशरण निवासी पारा रैपरा हमीरपुर को अपने जाल में फंसाया।

उसने पिछले माह की 13 तारीख को यमुना पुल के पास एक सैलून की दुकान में इस सुपरवाइजर को हमीरपुर सदर तहसील में न्याय किशोर बोर्ड में 14000 रुपये के मासिक वेतन पर कम्प्यूटर आपरेटर की नौकरी दिलाने की बात कही और उससे इस काम के लिये बीस हजार रुपये भी ले लिये गये। फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रदीप कुमार ने उसे न्याय किशोर बोर्ड में कम्प्यूटर आपरेटर के पद के लिये फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। सोमवार को वह एसडीएम सदर के यहां इस पद के लिये ज्वाइनिंग करने प्रदीप कुमार के साथ पहुंचा तो नियुक्ति पत्र फर्जी देख एसडीएम ने उसे अपने चैम्बर में बैठा लिया। इसी बीच प्रदीप ने तहसील से भागने की कोशिश की तो एसडीएम के सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। एसडीएम के सामने जालसाज प्रमोद ने स्वीकार किया कि रामशरण को न्याय किशोर बोर्ड में कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर नौकरी देने के लिये उसने नियुक्ति पत्र जारी किया है।

एसडीएम के सामने उसने बताया कि सुपरवाइजर रामशरण नेवेली थर्मल पावर प्लाण्ट में नौकरी करता था, जो परेशान था। उसे वहां 12 हजार रुपये ही मिलते थे। जालसाज ने बताया कि इससे पहले हमीरपुर नगर के गनेश कुमार, विशाल वर्मा, अतुल पाण्डेय, मोहनलाल व अनिल कुमार को फर्जी नियुक्ति पत्र दिया था। नौकरी न मिलने पर तीन लोगों के रुपये भी वापस कर दिये गये हैं। एसडीएम सदर राहुल यादव ने बताया कि प्रदीप कुमार सोनकर मुख्यालय का रहने वाला है जो सात आठ लोगों का गैंग बनाकर लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करता है। इसे पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। मामले की जांच के बाद इस अपराध में शामिल गैंग के अन्य सदस्य भी पकड़े जायेंगे। जालसाज के चक्कर में नवेली थर्मल पावर प्लांट से छोड़ी नौकरी रामशरण ने बताया कि प्रदीप कुमार सोनकर के चक्कर में ही नेवेली थर्मल पावर प्लांट से नौकरी भी हाथ से चली गयी है।

उसे वहां बारह हजार रुपये मासिक पगार मिलती थी। पारा रैपुरा से रोज वहां नौकरी करने जाता था। पिछले माह प्रदीप ने एक दुकान में हमीरपुर तहसील में न्याय किशोर बोर्ड में कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने की बात कही और एक माह तक नौकरी के लिये दस्तावेज तैयार कराने में यहां से वहां उसे दौड़ाया गया। नवेली थर्मर पावर प्लांट से सुपरवाइजर की नौकरी इस जालसाज के कारण हाथ से चली गयी। अब रुपया भी वापस नहीं कर रहा है। एक युवक को भी मिला था डीएम के अर्दली की नौकरी रामशरण ने सदर तहसील में बताया कि प्रदीप कुमार सोनकर ने यमुना पुल पार लहुरीमऊ गांव के विशाल नाम के एक युवक को हमीरपुर डीएम के अर्दली पद का पर फर्जी नियुक्ति पत्र दिया था। विशाल ने नियुक्ति पत्र लेकर कलेक्ट्रेट में कई दिनों तक चक्कर भी लगाये मगर उसे नौकरी नहीं मिली। अब विशाल गांव में रोजी रोटी के लिये अन्य काम कर रहा है। इसी तरह से इस जालसाज ने आधा दर्जन लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की है। यह जालसाज स्थानीय बस स्टैण्ड में दूसरी मंजिल पर संचालित एक कम्प्यूटर की दुकान में फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करवाता है।.

नौकरी न मिलने पर एम काम पास युवक बना जालसाज पुलिस कस्टडी में जालसाज प्रदीप कुमार सोनकर ने बताया कि उसने इलाहाबाद में एम. काम तक की पढ़ाई की है। पढ़ने के बाद नौकरी के लिये काफी समय तक भटकना पड़ा मगर नौकरी नहीं मिली। बेरोजगारी से परेशान होने के बाद ही इस काम से जुड़ा और शुरू में तो फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने में मुनाफा हुआ मगर बाद में तीस हजार रुपये का कर्जा भी हो गया है। इस कर्ज को चुकता करने के लिये ही नवेली थर्मल पावर प्लांट के इस कर्मी को फर्जी नियुक्ति पत्र दिया था मगर अभी उससे थोड़ा ही रुपया मिला है। उसने बताया कि तीन लोगों को रुपये भी वापस कर दिये गये हैं।

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