परमट घाट पर चला पॉलीथिन मुक्त अभियान ,डीएम ने की सफाई

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कानपुर :गंगा नदी जीवन दायिनी है ।ये हमारा सौभाग्य कि हम गंगा नदी के किनारे निवास करते है ।सभी को माँ गंगा की सफाई में अपना सहयोग देना है।किसी भी स्थिति में गंगा में किसी भी प्रकार की प्लास्टिक अब गंगा नदी में नही डालेंगे और न ही डालने देंगे इसके लिए 7 जून को होने वाले सदन में अध्यादेश लागू किया जायेगा कि जो भी व्यक्ति गंगा किनारे पालीथिन डालेंगे या लेकर आएंगे उनका 500 से 1000 रुपये का चालान किया जायेगा ।

इसके लिए नगर निगम तथा मजिस्ट्रेट की अलग अलग टीमें गठित कर चालान किया जायेगा तथा न मानने पर एफ आई आर भी दर्ज की जायेगी।गंगा में अब नाले नही गिरेंगे इसके लिए नामानि गंगे योजना के तहत नालोे का टैपिंग कार्य किया जा रहा है सभी सम्बन्धित विभाग इस कार्य मे युद्ध स्तर पर टाइम लाइन के अनुसार कार्य पूर्ण कराये।लोगो को एक व्रक्ष अवश्य लगाना चाहिए ताकि हमारा वातावरण स्वच्छ रहे ।गंगा हरितिमा अभियान के तहत गंगा किनारे के 40 गांवो में व्रक्षारोपन कराया जाये तथा इस कार्य के लिए मुफ्त में पेड़ दिया जायेगा ।

उक्त निर्देश महापौर प्रमिला पाण्डेय ने गंगा नही को प्लास्टिक मुक्त कराने के लिए परमट में लोगो को सम्बोधित किया ।उन्होंने सभी परमट के दुकानदारो से कड़े शब्दों में कहते हुए कहा कि अब वो समय आ गया है कि केवल कार्यवाही होगी चेतावनी तो दी जा चुकी है यदि कोई भी दुकानदार पालिथिन का प्रयोग कर माँ गंगा को गंदा करेगा तो उसका चालान किए जायेंगे ।उन्होंने यह स्पस्ट करते हुए कहा कि 7 जून को आयोजत होने वाले सदन मे अध्यादेश पारित किया जाएगा कि घाटों में पालिथिन के स्तेमाल करने वालो पर कार्यवाही की जायेगी

जिलाधिकारी श्री सुरेन्द्र सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्व में जब भी गंगा प्रदूषण की बात होती है तो कहा जाता है कि कानपुर ने गंगा को ज्याद प्रदूषित किया है अब वो समय आ गया है कि हमे माँ गंगा को साफ़ रखना है इसके लिए सभी को मिल कर आवाहन करना होगा की न तो हम गंगा में गंदगी फैलाएंगे और न ही फैलाने देंगे |

अब गंगा में किसी भी प्रकार की पॉलीथिन डालने वालो पर जुर्माना , तथा मुकदमा,एफ आई आर दर्ज होगी इसके लिए टीमों का गठन कर दिया गया है ,जो अपने अपने क्षेत्रो में गंगा में पॉलीथिन डालने वालो पर मुकदमा पंजिकृत कर प्रभावी कार्यवाही करेंगे | गंगा को माँ मानते हुए उसके ऊपर यदि गंदगी फेकेंगे तो हम अपनी माँ का अपमान करेंगे किसी भी स्थिति में माँ का अपमान नहीं करना है | कई बार चेतावनी हो गई अब कार्यवाही की बारी है यहां के दूकानदार पॉलीथिन का प्रयोग न करे इससे गंदगी फैलती है और कही न कही गंगा में वो पालीथीन जाती है हम सब की जिम्मेदारी है की गंगा में पॉलीथिन न डाले और जो भी गन्दगी डालनी हो उसके डस्ट बिनो में ही डाले |

उन्होंने लोगो से अपील करते हुए कहा कि कम से कम पॉलीथिन का प्रयोग करे क्योंकि ये हमारी आने वाली पीढ़ी को खराब कर देंगी इसके दुष प्रभाव से हमारी माँ गंगा विलुप्त होती जा रही है इसके लिए गंगा किनारे एक किलोमीटर तक के क्षेत्रो में गंगा के दोनों ओर वृहद वृक्षारोपण कर माँ गंगा के स्वरूप को दोबारा लाना है | जिलाधिकारी ने माँ गंगा की गोद में फैली पालीथीन को हटाया तथा लोगो से अपील करते हुए कहा कि गंगा में पालीथीन न डाले और किसी को न डालने दे |

इस अवसर पर उन्होंने लोगो को शपथ दिलाई की “हम गंगा में गंदगी , पॉलीथिन प्रवाहित नहीं करूंगा एवं कपड़े के थैलो का प्रयोग करूंगा , मै गंगा के किनारे शौच करने नहीं जाऊँगा , मै अपनी मूर्तियों को गंगा में प्रवाहित नहीं करूंगा एवं भू विसर्जन करूंगा |

मै शिव भगवान को पॉलीथिन में दूध लेकर नहीं चढ़ाऊंगा | उन्होंने लोगो से कहा कि जो भी कचरा डाले वो घाटों में लगे डस्ट बिन में ही डाले”। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर , नगर आयुक्त ,अपर नगर आयुक्त ,नगर निगम के टीम तथा स्वयं सेवी संगठनों के सदस्यों ने परमट घाट पर पॉलीथिन माँ गंगा की गोद से हटाया |

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