कश्मीर से पैदल यात्रा कर कानपुर पंहुचा इंजीनियर, जानिए क्यों

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कानपुर, 02 जून । भीख मांगने वाले बच्चों को मुख्य धारा में लाने के लिए एक इंजीनियर ने छह लाख की नौकरी छोड़ अभियान को सफल बनाने के लिए पैदल यात्रा शुरू कर दी। कश्मीर से चलकर शनिवार को वह कानपुर पंहुचा और जिला प्रशासन से अपील किया कि भीख मांगने वाले बच्चों को चिन्हित कर उन्हे शिक्षा दी जाये। एक दिन कानपुर में रूकने के बाद इंजीनियर आगे की यात्रा के लिए निकल पड़ेगें और कन्याकुमारी तक उन्हें यात्रा करना है।

एक पुरानी कहावत है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता, लेकिन अगर दिल में जज्बा हो तो अकेला इंसान भी इबारत लिख सकता है। ऐसा ही एक युवक है आशीष शर्मा जो भीख मांगने वाले बच्चों के उत्थान के लिए पूरे देश की पद यात्रा पर तिरंगा लेकर निकल पड़ा और शनिवार को कानपुर पंहुचकर एडीएम सिटी सतीश पाल से मुलाकात की।

युवक ने जनपद में भीख मांगने वाले बच्चों को मुख्य धारा में लाने के लिए जिला प्रशासन से अपील की। इसके साथ ही शहर के कई सामाजिक संगठनों से इस विषय को लेकर वार्ता की। बताते चलें दिल्ली निवासी आशीष शर्मा पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर है और अपनी छह लाख के पैकेज की नौकरी छोड़ कर एक अनोखी मुहिम में जुट गए है।

आशीष भीख मांगने वाले बच्चों के उत्थान के लिए अगस्त 2017 से पूरे देश की पैदल यात्रा पर निकले है। हाथ में तिरंगा लेकर आशीष ने अपनी यात्रा जम्मू के उधमपुर से शुरू की और अब तक 6097 किमी की यात्रा पूरी कर चुके है। वो हर शहर के प्रशासन के पास जाते है और वहां अपील करते है कि बच्चों को भीख न दी जाए बल्कि उनको समाज की मुख्य धारा में लाया जाए। आशीष ने बताया कि कुछ समय पहले नौ बच्चों को बचाया था जो भीख मांगते थे और ड्रग एडिक्ट थे।

उसके बाद से उन्होंने सोचा कि किसी को तो आगे आना पड़ेगा और इसलिए छह लाख की नौकरी छोड़कर इस मुहिम पर निकल पड़े। आशीष अपनी पूरी यात्रा पैदल कर रहें है और जहां भी जगह मिलती है वहां सो जाते है। उनके कुछ मित्र उनको कुछ पैसे से मदद कर देते है जिससे उनका खाना पीना हो जाता है। शहर में अनोखे अभियान को लेकर आये आशीष के विषय में जानकारी होने पर कई सामाजिक संगठनों ने उनका स्वागत किया।

एडीएम सिटी ने बताया कि इस दौर में जहां इंसान अपने आगे किसी के बारे में नहीं सोचता ऐसे समय में आशीष का समाज के एक वर्ग के उत्थान के लिए जीवन समर्पित कर देने का जज्बा सलाम योग्य है। इसके लिए हम लोग जल्द बैठक करेंगें और आशीष द्वारा दिये सुझावों पर विचार कर शहर के भीख मांगने वाले बच्चों को चिन्हित कर उनको मुख्यधारा में लाया जायेगा।

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