सत्ती चौरा में निषादों ने अंग्रेजों को सिखाया था सबक : राज्य मंत्री

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कानपुर, 01 जून । अंग्रेजों को देश से भगाने के लिए वैसे तो कानपुर को क्रांतिकारियों का गढ़ माना जाता था। लेकिन सत्तीचौरा के निषादों ने जिस बहादुरी के साथ अंग्रेजों को गंगा में डुबा-डुबा कर मारा, उसको देश कभी नहीं भुला सकता। यह बातें सत्ती चौरा कांड में शहीद हुए लोचन मल्लाह को श्रद्धांजलि देते हुए प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद ने कहीं।

कैंट के सत्ती चौरा मिक्सर घाट पर शुक्रवार को 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ हुई क्रांति में शहीद समाधान निषाद, लोचन मल्लाह आदि शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के पशुधन एवं मत्स्य राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद शहीदों को श्रद्धांजलि दे उनके योगदान को याद किया।

कहा कि आज के ही दिन 1857 की क्रांति में सैकड़ों अंग्रेजों को नाव पर बैठकर गंगा में डुबो कर मारने का काम समाधान निषाद व लोचन मल्लाह आदि ने किया था। जिसके बाद अंग्रेजों ने उनको पकड़ने के लिए पूरी बस्ती पर गोलीबारी शुरू कर दी। यह देख उन लोगों ने अंग्रेजों के सामने आत्मसर्पण कर दिया। जिसके बाद अंग्रेजों ने मैक्सर घाट पर बरगद के पेड़ में कच्ची फांसी दी दी।

जिनके योगदान को देश कभी नहीं भुला सकता, क्योंकि अंग्रेजों ने उनका कोई व्यक्तिगत नुकसान नहीं किया उन्होंने देश भक्ति की भावना से यह कदम उठाया था। इस दौरान मंत्री ने नानाराव पार्क को देख नानाराव के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के योगदान को भी नहीं भूले और कहा कि नाना साहब उस क्रांति के नायक थे। उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं वित्त विकास निगम के अध्यक्ष बाबूराम निषाद ने कहा कि मल्लाहों ने सदैव देश और समाज की सेवा मन से की है और भाजपा सरकार में उनको बराबर सम्मान मिल रहा है। इस दौरान पूर्व विधायक रामकुमार, जगदीश प्रसाद निषाद, महावीर प्रसाद निषाद, अशोक सिंह कश्यप, कैप्टन सुरेश साहनी आदि लोग मौजूद रहें।

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