कानपुर: पढ़ाने तक अपने को सीमित न रखें शिक्षक, कुलपति

0
146

कानपुर, 29 मई। शिक्षक की भूमिका समाज और देश के बदलाव में अहम होती है। ऐसे में कोई भी शिक्षक अपने को पढ़ाने तक सीमित न रखें। पढ़ाने के लिए तो सरकार आपको सैलरी दे ही रही है लेकिन ऐसी जिम्मेदारी भी निभायें जिससे छात्रों का कैरियर बन सके। इसके साथ ही विश्वद्यिलय प्रशासन को तमाम जिम्मेदारियों के माध्यम से सहयोग करें। यह बातें सीएसजेएमयू की कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने शिक्षकों के साथ बैठक में कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के एकेडमिक भवन में मंगलवार को कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। कुलपति ने प्रबन्धन पाठ्यक्रम को उत्कृष्ठ, रोजगार परक एवं सामयिक बनाने के लिए आई0बी0एम0 के समस्त शिक्षकों के साथ बैठक की एवं उनकी समस्याओं एवं सुझावों को आमंत्रित किया।

इसके साथ ही कुलपति ने पाठ्यक्रमों को नवीन एवं संशोधित किये जाने के सम्बन्ध में बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी पढ़ने और पढ़ाने और कक्षाओं लेने तक ही सीमित नहीं है अपितु इन्हें छात्र के प्रति सजग रहते हुए परीक्षाओं को समय से सुचारू रूप से सम्पन्न कराने तथा परीक्षा फल समय से घोषित करने में भी अपना पूर्ण योगदान देना चाहिए।

कहा कि सभी की जिम्मेदारी है छात्रों के भविष्य को देखते हुए बीबीए और एमबीए की सेमेस्टर परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने में अपनी महती भूमिका अदा करें। कहा कि कोई भी कार्य एक व्यक्ति नहीं कर सकता ऐसे में सहयोग की भावना से छात्रों के हितों को देखते सहभागिता करें। इसके साथ ही छात्रों को कैरियर से संबंधी भी शिक्षा देने का प्रयास करना चाहिये।

इस दौरान निदेशक प्रो0 संजय कुमार श्रीवास्तव, परीक्षा नियन्त्रक उमानाथ सिंह, सहायक कुलसचिव अरविन्द वर्मा, प्रो0 मुकेश रंगा, डा0 सुधान्शु पाण्डिया, डा0 अन्शू यादव, डा0 नीरज कुमार सिंह, डा0 मृदुलेश सिंह, डा0 सुधीर वर्मा, डा0 विवेक सिंह सचान, डा0 अर्पणा कटियार, डा0 सचिन शर्मा, डा0 शाह मोहम्मद आदि मौजूद रहें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here