लू से बचने के लिए प्रोटीन वाले भोजन से रहें दूर : डा. कृष्ण कुमार

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कानपुर, 28 मई । मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर आपदा प्रबंधन ने लोगों को लू के प्रकोप और आपदा से बचने के टिप्स दिये। आपदा प्रबंधन ने बताया कि खाली पेट रहने से लू सबसे जल्दी लगती है। ऐसे में खाली पेट धूप में कभी न निकलें और प्रोटीन वाले भोजन से दूर रहें। इसके साथ ही आपदा के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।

मौसम विभाग द्वारा अलर्ट जारी करने पर राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर एडीएम वित्त संजय चौहान के मार्गदशन में सोमवार को कई जगहों पर स्टाल लगाकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को लू एवं ग्रीष्म ऋतु प्रबंधन व आपदा के प्रति जागरूक किया। केपीएम अस्पताल और जिला अस्पताल उर्सला में कैंप लगाकर लू के प्रकोप, तूफान से बचाव एव प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गयी।

यहां पर आने वाले मरीजों को आपदा प्रबंधन के मुख्य प्रशिक्षक लखन शुक्ला, चेस्ट विशेषज्ञ डा. कृष्ण कुमार, मास्टर टेनर हरीश तिवारी, डा. गीतांजलि, रोहित जायसवाल व मनु बाजपेई ने बचाव के टिप्स दिये। डा. कृष्ण कुमार ने गर्मी और लू से बचाव के बारे में बताया कि खाली पेट धूप में न निकलें। पानी का प्रचुर मात्रा में सेवन करें। धूप में सिर पर टोपी गमछा आदि का प्रयोग करें। इसके साथ ही ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन का प्रयोग न करें, चक्कर आदि के बाद नीबू पानी ओआरएस का प्रयोग करें।

चाय काफी जैसे पेय पदार्थों का प्रयोग न करें, ज्यादा गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें। ठंडे स्थान से गर्म में एकदम से न निकले या धूप से एकदम से एसी में न जायें। इसके अलावा स्थानीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान की जानकारी जरूर रखें तथा होने वाले परिवर्तन के प्रति सतर्क रहें, धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पिये। तूफान से बचने के लिए बताया गया कि सबसे पहले अफवाह न फैलावे और न ही फैलने दें। आपदा प्रबंधन किट तैयार रखें, जिसमें प्राथमिक उपचार की सामग्री और वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था, टॉर्च आदि की व्यवस्था रखें। पेयजल का भी इंतजाम करें।

बिजली कड़कने तूफान आने के समय बिजली के उपकरणों को बंद कर दें बिजली के उपकरणों से दूर रहें। यदि सड़क पर है तो बिजली की लाइन खम्भे से दूर रहें, भारी होल्डिंग बोर्ड से दूर रहें कोई भी अप्रिय घटना होने पर 100, पर पुलिस सहायता 101 आग लगने पर 102 या 108 एम्बुलेंस के लिए सूचना दें। खुद को सुरक्षित रखते हुए तूफान ग्रस्त लोगों की मदद करें।

लखन शुक्ल ने बताया कि घायल की मदद करना सबसे महत्त्व पूर्ण है इसके लिए यह जरुरी है घायल को क्या और कैसे मदद की जाये। प्रशिक्षण के माध्यम से सीपीआर द्वारा कृत्रिम श्वाश रक्त स्राव रोकने के तरीके बांडेजिग पेड सीलिंग बनाने के बारे का डेमो दिया गया और साथ ही कहा गया कि घायल को कभी भी पानी नहीं देना चाहिये। इस अवसर पर लखन शुक्ल, हरीश तिवारी, शाहीन सिद्दीकी, शहिद खान, राजेश शर्मा, पायल आदि उपस्थित रहें।

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