एलएलआर व उर्सला ओपीडी में मरीजों का लगा तांता

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कानपुर, 26 मई । भीषण गर्मी के कारण शहरी तो परेशान है हीं साथ में अब बीमारियों ने भी उन्हे घेरना शुरू कर दिया है। संक्रमण के साथ शहर में फैली गंदगी की वजह से वायरल फीवर, बुखार, खांसी, गला चोक होना तथा त्वचा सम्बन्धी रोग फैल रहे है। इन्ही संक्रमण रोगों के कारण शनिवार को एलएलआर तथा उर्सला के साथ निजी अस्पतालों में मरीजो की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिला।

लाला लाजपत राय अस्पताल (हैलट) और जिला अस्पताल उर्सला में शनिवार को ओपीडी में मरीजों की जबरदस्त लाइन लगी हुई थी। लोग संक्रमण से परेशान दिखे तो वहीं धूप और धूल के कारण आंखो के रोगियों की भी संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों में लगातार बढ़ते मरीजों की संख्या शहर में पांव पसार रही बीमारियों की ओर संकेत कर रही है।

दूसरी तरफ निजी अस्पतलों में भी मरीज बढ़ रहे हैं। धूप के कारण हीट स्ट्रोक के साथ ही वायरल इंसेफ्लाइटिस सक्रिय होने से संक्रमण रोग लोगों को चपेट में ले रहें हैं। दूसरी तरफ शहर पूरी तरह धूल की गिरफ्त में है जिससे स्वांस के तथा फेंफडे से संक्रमित मरीज भी आ रहें है। हैलट अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आरसी गुप्ता ने बताया कि इन दिनों पेट के मरीजों में भी इजाफा हो रहा है। पेट से सम्बन्धित वह मरीज हैं जो अशुद्ध खान-पान, गंदा पेयजल प्रयोग करने के कारण संक्रमित हुए हैं। मरीजों को उल्टी-दस्त, पेट दर्द, पेट में ऐंठन की समस्या ज्यादा है। बताया कि चिंता का विषय यह है कि बच्चे संक्रमण से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं और आने वाले मरीजां में बच्चों की संख्या अधिक है।

डाक्टरों का कहना

हैलट अस्पताल के फिजीशियन डा. विशाल गुप्ता ने बताया कि इन दिनों गर्मी विकराल रूप धारण किये हुए है। ऐसे में विशेष ऐतिहात बरतने की आवश्यकता होती है। बताया कि गर्मी में अधिक खाना नहीं खाना चाहिये, आहार सुपाच्य ही लें और ज्यादा रात में खाना मत खायें, वहीं खाना खाकर टहले जरूर।

उर्सला अस्पताल के फिजीशियन डा. गौतम जैन ने बताया कि बच्चां को पानी उबाल कर दें, घरां के आस-पास पानी न एकत्र होने दें और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। मच्छरदानी का प्रयोग करें और जुकाम, बुखार जैसी साधारण बीमारी होने पर इसे अनदेखा न करे और न ही मेडिकल स्टोर से कोई दवा लें, पहले चिकित्सक की सलाह ले। डाक्टरों की माने तो इस समय चल रहे वायरल इंसेफ्लाइटिस में तेज बुखार के साथ सिरदर्द बना रहता है तथा प्लेटलेट्स में भारी गिरावट आने लगती है।

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