कानपुर मंडल में जहरीली शराब का कहर जारी, 11 लोगों की मौत

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 कानपुर, 20 मई । उत्तर प्रदेश के कानपुर मंडल के दो जनपदों में 24 घंटे में अंदर जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि अभी भी दर्जन भर लोगों को अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने दोनों ही जनपदों में घटित घटनाओं में आबकारी की धारा 70 के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है। अब तक जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले में एक अफसर को निलम्बित करते हुए जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क तेज कर दी गई है। कानपुर नगर के सचेंडी थानाक्षेत्र स्थित दूल गांव में श्याम बालक यादव की शराब पीने से शनिवार को पांच लोगों की मौत हो गई थी। एक दर्जन से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को हैलट अस्पताल के आईसीयू में शराब पीने से बिगड़ी तबीयत के चलते भर्ती हेतपुर गांव निवासी महेश उर्फ भोला (30) की भी मौत हो गई। इस तरह से अब तक सचेंडी थानाक्षेत्र में जहरीली शराब पीने से मौतों का आकड़ा छह पहुंच गया है। इस मामले में पुलिस ने ठेका संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए स्थानीय आबकारी इंस्पेक्टर कुलदीप कुमार को निलम्बित कर जांच जारी है।
इस घटनाक्रम की जिला व पुलिस प्रशासन जांच में जुटी ही थी कि पड़ोसी जनपद कानपुर देहात के रूरा थानाक्षेत्र के मड़ौली गांव में मिलावटी जहरीली शराब का कहर देखने को मिला है। जानकारी के मुताबिक गांव के लोगों ने बीती रात रूरा इलाके के एक सरकारी देशी शराब ठेके से शराब लाकर पी। जिसके बाद उनकी सुबह होने तक एक दर्जन से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। यही नहीं उन्हें खून की उल्टियां शुरू हो गई और जब तक परिजन नजदीक के अस्पताल लेकर पहुंचे तब तक चार लोगों की मौत हो गई। जबकि एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं आधा दर्जन लोग अभी भी अस्पताल में जीवन मौत से संघर्ष कर रहें हैं। जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की खबर पर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक रमाकांत पाण्डेय मौके पर जा पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को सात्वना दी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।
जिलाधिकारी ने बताया कि, मृतकों में मड़ौली गांव निवासी हरी मिश्र (45), छुन्ना कुशवाहा (37), श्यामू सिंह (35), नरेन्द्र सिंह (40) व भंवरपुर गांव निवासी पंकज की मौत हो गई। इसके अलावा गांव के राकेश दुबे सहित छह लोगों की अभी भी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस अधीक्षक देहात ने बताया कि प्रथम दृष्टया शराब ठेके के एक सेल्समैन सरवन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गांव के सभी देशी शराब ठेकों को बंद करते हुए संदिग्ध शराब ठेकों को सील कर जांच की जा रही है। मामले में दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा। जांच की जा रही है। हालांकि मृतकों में पांचवें पंकज की मौत को लेकर अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक उसकी मौत होना बताया जा रहा है। जिलाधिकारी ने शासन को भेजी रिपोर्ट कानपुर देहात के रूरा में हुई जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के प्रकरण में जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की शुरूआती रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों दो-दो लाख व पीड़ितों को 50-50 हजार रूपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। अस्पताल पहुंचे आलाधिकारी रूरा में जहरीली शराब के कहर से हुई मौतों की जानकारी पर मंडलायुक्त सुभाष चन्द्र शर्मा व आईजी रेंज आलोक सिंह, कानपुर जनपद में जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार हैलट अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने मरीजों का हाल तो जाना साथ ही बीमारों को उचित इलाज देने के लिए डॉक्टरों से समुचित व्यवस्था व रखने के निर्देश दिये। जहरीली शराब के पीछे सपा नेताओं का हाथ जहरीली शराब से मौत बांटने के पीछे सपा के पूर्व विधायक के रिश्तेदारों का नाम सामने आ रहा है। कानपुर देहात के पूर्व सपा विधायक व मंत्री रामस्वरूप गौर के नाती नीरज और विजय मिलावटी शराब का कारोबार करते हैं। जिनको पकड़ने के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस की टीम में लगातार छापेमारी कर रही है। आईजी रेंज ने बताया कि शराब के मामले में आबकारी एक्ट की धारा 70 के तहत कार्रवाई की जा रही है जिसमें आरोप साबित होने पर मृत्यु दंड तक का भी प्रावधान है।

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