कानपुर : खौफ के साये में पढ़ता बचपन

0
126

:-जान जोखिम में डालकर शिक्षक भी मजबूर हैं पढाने को

वर्ल्ड खबर एक्सप्रेस

कानपुर : भीतरगाव विकास खण्ड क्षेत्र के दौलतपुर (साढ) गाव में बना सरकारी जूनियर स्कूल भवन की बिल्डिंग दरकी खङी है। दरकी दीवारों में लगभग दो सेमी का गैप आ गया है। छत दीवारों को छोङ चुकी हैं। लोगों का अनुमान है कि जब भी बिल्डिंग गिरेगी तो सभी कमरें एक साथ ढह सकते हैं। लेकिन स्कूल के पढने वाले बच्चो को जान जोखिम में डालकर पढ़ाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि भवन की दीवारें कभी भी गिर सकती हैं।

साढ चौकी के दौलतपुर गावं में जूनियर स्कूल की हालत देखकर शिक्षा व्यवस्था का अन्दाजा साफ लगाया जा सकता है। स्कूल की टूटी छत दरकी दीवारों के नीचे बच्चे पढने को विवश हैं। सभी छात्र रोजाना अपनी जान को जोखिम में डाल कर पढाई करने आते हैं। एक तरफ राज्य सरकार और केंद्र सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के बड़े बड़े दावे ठोकती हैं वहीं अधिकारी मासूम बच्चों की जिंदिगी के साथ खिलवाड़ कर रही है। बीते दिनों आये चक्रवाती तूफान का असर दौलतपुर में सबसे ज्यादा था तब से स्कूल की छतें दीवारों को छोङ चुकी हैं।

*कमरें तीन, दो क्षतिग्रस्त, एक में ही स्टाफ और सामान*

भीतरगाव के दौलतपुर के जूनियर स्कूल इमारत की हालत अपनी बदहाली की दास्तां बयाँ कर रही है। कमीशन की भेंट चङी दौलतपुर के जूनियर स्कूल की बिल्डिंग वर्ष 2004 ई में बनायी गयी थी। स्कूल में तीन कमरे हैं। दो कमरे की दीवारें और छत एकदूसरे को छोङ दिया है। उन्हीं के नीचे बच्चे पढ़ते हैं जबकि अन्य कमरे में स्कूल का सामान रखा गया है और स्टाफ बैठता है। शिक्षा विभाग और सरकार की इस अनदेखी की बच्चों के अभिभावकों में भी चिंता है।

*अधिकारियों को सूचना दे चुका हू- स्कूल प्रभारी*

भीतरगाव। जूनियर स्कूल के कार्यवाहक इंचार्ज प्रभात वर्मा ने बताया कि इसकी सूचना अधिकारियों को दे दी है। कहा कि जर्जर कमरों में बच्चों को नहीं बिठाया जा रहा है। एक कमरे मे ही कक्षा छै सात व आठ तीनों कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई लिखाई का काम चलाया जा रहा है। तीन कमरों की बिल्डिंग में दो कमरो की दीवारें छत छोङ चुकी हैं। जब भी कमरे गिरेगे तो सुरक्षित बचा एकलौता कमरा भी इनकी चपेट में आ जायेगा।

*बोले बीएसए कानपुर*

भीतरगाव बीईओ ने इसकी जानकारी हमे कभी नही दी। स्कूल के इंचार्ज भी हमे बता सकते थे। सोमवार को ही बिल्डिंग की जाच कराकर उचित निर्णय लिया जायेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here