बांदा: गर्भवती को नर्सिंग होम से भगाया, सड़क में हुआ बच्चे का जन्म

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बांदा, 08 मई । जिन्दगी और मौत से जूझने वाले मरीज को नया जीवन देने वाले डॉक्टर को लोग भगवान का दर्जा दे देते हैं, लेकिन कुछ चिकित्सकों को दौलत के सिवाय कुछ नजर नहीं आता। ऐसा ही एक मामला जिले के मनोरमा नर्सिंग होम के बाहर देखने को मिला, जहां दस हजार रुपये न देने पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को भगा दिया गया। आखिरकार महिला ने सड़क में ही बच्चे को जन्म दिया।


घटना शहर कोतवाली अर्न्तगत सोमवार को देर शाम सिविल लाइन मोहल्ले में हुई जहां डॉ. मनोरमा श्रीवास्तव का नर्सिंग होम है। जनपद महोबा के रहने वाले सुरेन्द्र तिवारी ने बताया कि महोबा में पत्नी की प्रसव पीड़ा बढ़ने पर चिकित्सकों ने ऑपरेशन केस बताया और बांदा रेफर कर दिया। पत्नी को लेकर बांदा आने पर मनोरमा नर्सिंग में ले गया। जहां महिला डॉक्टर आई और उसने देखते ही कहा कि 10 हजार रुपये जमा कर दो तभी हाथ लगाऊंगी, वरना यहां से मरीज ले जाओ।

सुरेन्द्र तिवारी के मुताबिक इसी बीच प्रसव पीड़ा बढ़ती देखकर उसने डॉक्टर के सामने हाथ जोड़कर विनती की लेकिन उन्होंने उसकी व परिवार के लोगों की एक नहीं सुनी और मरीज सहित क्लीनिक से भगा दिया। तभी प्रसव पीड़ा से कराह रही पत्नी ने बीच सड़क पर बच्चे को जन्म दिया, जिसे फौरन सड़क किनारे करके पर्दा किया गया। यह देखकर हर किसी का आक्रोश डॉक्टर के प्रति बढ़ गया। वहां कार्यरत गार्ड विमल व मरीज के रिश्तेदारों ने भी बताया कि डॉक्टर ने पैसे के अभाव में इलाज करने से इंकार कर दिया। वहीं घटना की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई। इसके बाद उनके निर्देश पर एम्बुलेंस पहुंची और तब जाकर महिला और उसके बच्चे को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया।
उधर जब इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि सड़क पर बच्चा पैदा होने की जानकारी मिली है। इसमें किस पक्ष की गलती है यह तो जांच के बाद ही पता चल पायेगा। यदि डॉक्टर दोषी है तो कार्यवाही होगी।

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