अब 20 दिन में होगी नकलविहीन परीक्षा : दिनेश शर्मा

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लखनऊ, 02 मई । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कभी दस से 15 हजार करोड़ रुपये का नकल व्यवसाय हुआ करता था। इससे बच्चे परीक्षा तो पास हो जाते थे लेकिन अकुशलता के चलते उन्हें रोजगार नहीं मिल पाता था। हमारी सरकार ने निर्णय लिया कि हम नकल माफिया के लाभ के लिए प्रदेश के बच्चों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे और हमने नकल पर पूरी तरह रोक लगाई। सरकार के गठन के दूसरे ही दिन प्रदेश का शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया। पूर्व सरकारों के कार्यकाल में ढाई माह परीक्षा होती थी। दो महीने छुट्टी चलती थी और साढ़े तीन माह से 4 माह तक ही पढ़ाई हो पाती थी।


अब 15-20 दिन में नकलविहीन परीक्षा करायी जायेगी। हमने सबसे पहले महापुरूषों की छुट्टी कम की। इसका बहुत बड़ा विरोध झेलना पड़ा, लेकिन हमारे लिए छात्रों का हित पहले था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नकल रोकने के लिए हमने सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करायी। शिक्षा को आधार से जोड़ा। नकली सॉल्वर को पकड़ने के लिए उनका चिन्हीकरण किया। किन-किन जिलों में पेपर आउट होता है, इसकी जांच करायी। जौनपुर में कॉपियां बदल जाया करती थीं, उस गिरोह को पकड़कर जेल भिजवाया। कौशाम्बी, एटा और अलीगढ़ में नकल माफियाओं को पकड़ा। अलीगढ़ में तो अतरौलिया बोर्ड ही बन गया था। अपने हाथ से किताब छापकर चलाने का करोड़ो का व्यवसाय था।
आईसीआरटी की किताबें लागू कर हमने इस व्यवसाय को खत्म करने का काम किया। उन्होंने कहा कि चार लाख 64 लाख के निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। उसमें एक लाख 30 हजार करोड़ के निवेश मूर्त रूप लेने की स्थिति में है, उसमें 30 करोड़ का निवेश आईटी और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहा है। आईटी क्षेत्र में निवेश का 30 प्रतिशत अकेले नोएडा में हो रहा है।

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