कानपुर:नीट में असफल छात्रों ने रची थी छात्र के अपहरण की योजना, चार गिरफ्तार

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कानपुर, 23 अप्रैल । उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में पुलिस ने बीते दिनों कक्षा तीन के छात्र के अपहरण मामले में चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में दो मेडिकल की परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र भी शामिल हैं। लगातार दो साल नीट प्रतियोगी परीक्षा में असफल होने के बाद उन्होंने मासूम के अपहरण की साजिश रच डाली। लेकिन पुलिस की सक्रियता से पहले वह अपनी योजना में विफल हो गए और पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

बिना मेहनत करोड़ों कमाने की चाहत में बीते दिनों जनपद के एक हॉस्टल संचालक मंजीत शुक्ला के कक्षा तीन में पढ़ने वाले बेटे आदित्य शुक्ला उर्फ नंदू का अपहरण कर लिया। अपराध की दुनिया में नये होने के कारण अपहरणकर्ता अपनी योजना में सफल नहीं हो सके। इस घटना में अपहरणकर्ताओं की धरपकड़ में लगी पुलिस टीमों ने आखिरकार चार अपहृर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार मीणा ने पुलिस लाइन में सोमवार को छात्र अपहरण कांड का खुलासा करते हुए बताया कि, अपहरण की योजना चार लोगों ने मिलकर बनाई थी। योजना में शामिल चार अभियुक्तों में दो युवक रवि वर्मा और विक्की यादव काकदेव कोचिंग मंडी में रह कर नीट की तैयारी कर रहे थे। लेकिन दो बार परीक्षा देने के बाद भी वह असफल रहें।

इसके बाद इन्होंने कम समय में अमीर बनने की चाहत में हॉस्टल के सामने रहने वाले हॉस्टल संचालक आदित्य के बेटे के अपहरण की साजिश रची। जिसमें इन्हांने अपने साथ दो अन्य साथी प्रतापगढ़ निवासी अखिलेश यादव व मोहित गुप्ता को शामिल कर लिया। एसएसपी ने बताया, 16 अप्रैल को स्कूल जाते समय इन्होंने नौ साल के बच्चे नन्दू का अपहरण कर लिया।

फिल्मी स्टाइल में अपहरण करने के बाद कुछ ही मिनटों में इन्होंने अपहृत के पिता को फोन कर पांच लाख की फिरौती की मांग की। छात्र के अपरहण की जानकारी मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस ने नाकेबंदी की तो यह डर गए। अपहरण किए बच्चे को प्रतापगढ़ ले जाने की योजना थी। लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते इन्होंने बच्चे को फतेहपुर जाने वाली बस में बैठा दिया। अपहरण के छह घंटे बाद पुलिस ने सकुशल बच्चे को बरामद कर लिया।

छात्र के सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस की टीमें अपहरण व फिरौती मांगने वालों की तलाश में जुटी थी। पुलिस की टीम ने सोमवार को सीओडी क्रासिंग के पास से चार अपहृर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से अपहरण में प्रयोग की गयी मोटर साइकिल, कार, तमंचा, टेप और हैलमेट बरामद हुआ हैं। जांच में उनके दो अन्य साथी जय प्रकाश वर्मा व मामा नाम के युवकों का भी नाम प्रकाश में आये हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हैं।

कोचिंग मंडी में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग का जमावड़ा

कानपुर में कोचिंग मंडी में हॉस्टल संचालित करने वाले मंजीत अपने बच्चे के अपहरण के बाद सकते में आ गए थे। पुलिस ने जब छह घंटे में उनके बच्चे को बरामद कर लिया तो वह पुलिस की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। मंजीत का कहना है कि कोचिंग मंडी में रुपयों के लालच में लोग बिना किसी वैरीफिकेशन के लोगों को कमरा दे देते हैं। जिसके चलते यहां पर आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी रहने लगे हैं जो लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं। मंजीत के घर के सामने हॉस्टल में रहने वाले रवि और विक्की के पास उनके बेटा नन्दू कभी-कभी खेलने जाता था।
निश्चित तौर पर पुलिस की सक्रियता के चलते बच्चे की जान बच गयी और अब पुलिस ने अपहृर्ताओं को गिरफ्तार कर दिखा दिया कि पुलिस के हाथ वाकई लम्बे होते हैं।

लेकिन पुलिस अक्सर एक्शन में देर से आती है। समय से पुलिस गम्भीर प्रयास करें तो अपराधी उससे दूर नहीं है। वहीं रवि और विक्की के लालच ने उनके डाक्टर बनने का सपना तोड़कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

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