दुष्कर्म में फांसी की सजा का कानून बनाने पर हिन्दू-मुस्लिम ने की आतिशबाजी

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कानपुर, 22 अप्रैल । नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध पर दोषियों को फांसी दिये जाने के कानून का कानपुर वासियों ने स्वागत किया। सख्त सजा के इस प्रावधान पर हिन्दू-मुस्लिम भाईयों ने बेहतर बताने के साथ ही बच्चियों की सुरक्षा में उठाया गया एक और सराहनीय कदम बताया।

कठुआ, उन्नाव, सूरत और इंदौर में दुष्कर्म की घटनाओं के बाद केन्द्र सरकार द्वारा रेप के मामले में सख्त सजा का प्रावधान लाने के फैसले का शहर के लोगों ने सही बताया। ऐसे मामलों में दोषियों को फांसी की सजा का कानून उनको ऐसा करने से रोकेगा। यह बात रविवार को मूलगंज चौराहे पर राष्ट्रपति द्वारा कानून को मंजूरी मिलने पर इकठ्ठा हुए हिन्दू-मुस्लिम धर्मों के लोगों ने कही। उन्होंने कानून बनाये जाने पर एक साथ खुशी व्यक्त करते हुए आतिशबाजी कर केन्द्र सरकार के इस निर्णय को बेटियों के हित में बताया। हिंदू और मुस्लिम धर्मों के लोगों ने मोदी सरकार जिंदाबाद के नारे लगाए और फैसले को जल्द लागू करने की बात कही।

कहा, इससे पीड़ित बेटियों को समय पर न्याय मिल सकेगा। इसी तरह नीरज गुप्ता ने बताया कि बेच्चियों के साथ आये दिन देश में ऐसी घटनाएं होने की जानकारी मिलती है। कानून में फांसी के प्रावधान होने से छोटी मानसिकता रखने वाले ऐसे लोगों को में भय रहेगा। 12 वर्ष तक की बच्चियों के साथ अत्याचार करने वालों के खिलाफ बने इस कानून का हम सब स्वागत करते हैं। यहां पर दर्जनों लोगों ने आतिशबाजी कर कानून में सख्त प्रावधान की जमकर प्रशंसा की।

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