गर्म हवा के थपेड़ों ने जीना किया दुश्वार, पारा पहुंचा 40 के पार

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कानपुर, 19 अप्रैल। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब मौसम बैशाख की दुपहरी का रंग दिखाने लगा। जिसके चलते चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है और लोग घरों पर दुबकने को मजबूर हैं। तो वहीं राहगीरों पर कहर बरपाती यह बैशाख की दुपहरी अपने गंतव्य स्थान पर सही समय से नहीं पहुंच पा रहें हैं। यही नहीं रात का तापमान बढ़ने से भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।

मौसम विभाग का कहना है कि आसमान पूरी तरह से साफ है और उत्तरी पश्चिमी हवाओं के चलते लू के थपेड़े चल रहें हैं और पारा 40 के पार कर गया है। आगे भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
सूरज के तेवर दिन पर दिन तल्ख होते जा रहे हैं और उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में गुरूवार को चिलचिलाती धूप के साथ गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का हाल-बेहाल कर दिया। दिन का पारा 40 और रात का पारा 24 डिग्री सेल्सियस के पार होने के चलते पंखे की हवा भी लोगों को राहत नहीं दे पा रहें हैं। तापमान बढ़ने व आसमान साफ रहने के साथ उत्तरी पश्चिमी हवाओं से वातावरण में नमी की मात्रा में रोजाना कमी आ रही है। चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरूद्ध दुबे ने बताया कि सूरज के तेवर दिन पर दिन तल्ख होते जा रहे है और पछुआ हवाआें के कारण मौसम शुष्क रहा है। जिससे लू के थपेड़ों से लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

बताया कि गुरूवार को सुबह से ही वातावरण में गर्मी थी और दस बजे के आसपास ही तापमान 32 डिग्री के करीब था। उसके बाद पक्षुआ हवाओं की रफ्तार बढ़ी और यह हवाएं लू के थपेड़ों में बदल गईं। बताया कि गुरूवार को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 24.7 दर्ज किया गया। वहीं आर्द्रता में भी गिरावट आई है, बताया कि सुबह की आर्द्रता 42 फीसदी और दोपहर की 22 फीसदी रही। कहा कि तेज हवाओं के साथ धूल चलने के कारण राहगीरों को काफी परेशानी हुई और शाम करीब चार बजे से पारा नीचे आने लगा। लेकिन दिन में आसमान साफ रहने व हवाओं की रफ्तार के चलते वातावरण में गर्मी बरकरार रही।

कहा कि मौसम फिलहाल ऐसा ही रहने वाला है और रोजाना तामपान में बढ़ोत्तरी होगी और बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान बढ़ने से कम वायुदाब का क्षेत्र बनेगा जिससे स्थानीय स्तर लू का बवंडर अधिक हो सकता है। ऐसे में लोगों को बिना गमझे के दोपहर में बाहर नहीं निकलना चाहिये और पानी का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिये।

स्कूली बच्चे हो रहे बेहाल
बैशाख की दुपहरी इस तरह कहर बरपा रही है कि आमजन तो परेशान ही हैं साथ में सबसे ज्यादा स्कूली बच्चे बेहाल हो रहें हैं। दोपहर में बदन झुलसाती धूप के बीच स्कूलों में अवकाश के बाद घर जाने वाले बच्चे पसीने से तर-ब-तर हो रहे हैं। इस दौरान महिलाएं स्कूल से छूटने के बाद अपने बच्चों को आंचल की छांव में लेकर सूरज की तपिश से बचाने का प्रयास करती नजर आईं।

ऐसे में संभावना है कि जिलाप्रशासन स्कूलों के समय में बदलाव के आदेश दे सकता है। वहीं गर्मी बढऩे से इंसान ही नहीं बेजुबान भी परेशान होने लगे हैं। शहर की सड़कों पर सुबह व शाम के समय विचरण करने वाले आवारा पशु भी दोपहर के समय नदारद दिख रहें हैं और अपने बचाव के लिए छांव के लिए पेड़ों का सहारा ले रहें हैं।

ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ी मांग
दोपहर में भीषण लू चलने के चलते राहगीरों को जगह-जगह पेय पदार्थों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिससे आम का पना, गन्ने का जूस, मैंगों का जूस, बेल का शरबत, लस्सी आदि पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है। इसी के चलते शहर के जगह-जगह पर इन पेय पदार्थों के ठेले दिखाई दे रहें हैं और लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। लेकिन गर्मी सभी को बेहाल किये हुए है।

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