लोकसभा चुनावः 2 दशक से गया सीट पर जीत का परचम लहराते रहे हैं मांझी

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गया|लोकसभा चुनावों में अब कुछ ही समय शेष रह गया है, इसके चलते सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है। हर कोई चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने का दावा कर रहा है। बिहार में 40 लोकसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। यह चुनाव सात चरणों में करवाए जाएंगे। पहले चरण के चुनाव 11 अप्रैल को होने हैं। इस खबर में हम आपको गया लोकसभा सीट के बारे में बताएंगे। आजादी के बाद 5 बार गया लोकसभा सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा। 1989 से जनता दल ने लगातार तीन बार इस सीट पर जीत हासिल की। 1998 और 1999 का चुनाव बीजेपी के रामजी मांझी ने जीता। 2004 में राजद के राजेश कुमार मांझी ने गया लोकसभा सीट पर जीत का परचम लहराया। 2009 और 2014 के चुनाव में भाजपा के हरी मांझी ने इस सीट पर जीत हासिल की।
हरी मांझी ने राजद के राजेश कुमार मांझी को हराकर यह सीट हासिल की थी। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर दो पर राजद, नंबर 3 पर जदयू और नंबर 4 पर झारखंड मुक्ति मोर्चा(झामुमो) थी। भाजपा के हरि मांझी को 326230 वोट मिली थी वहीं राजद के रामजी मांझी को 210726 वोट हासिल हुई थी। गया लोकसभा सीट पर वोटरों की कुल संख्या 1,329,192 है। इनमें से 705,874 पुरुष मतदाता हैं जबकि 623,318 महिला वोटर हैं। गया संसदीय सीट के तहत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं- शेरघाटी, बाराचट्टी, बोधगया, गया टाउन, बेलागंज और वजीरगंज। इनमें से बाराचट्टी और बोधगया दोनों आरक्षित सीटें हैं।
इस बार के लोकसभा चुनावों में बिहार एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। बिहार एनडीए में भाजपा, जदयू और लोजपा एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। वहीं महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा(हम), राष्ट्रीय लोक समता पार्टी(रालोसपा) शामिल हैं। बिहार एनडीए ने इस बार गया की सीट जदयू को दी है। अब देखना यह होगा कि गया लोकसभा सीट पर इस बार जदयू जीत हासिल करती है या फिर यह सीट महागठबंधन के खाते में जाती है।

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