केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति आशीष सिंह पटेल बने एमएलसी उम्मीदवार

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कानपुर, 15 अप्रैल । उत्तर प्रदेश विधान परिषद की खाली हुए 13 सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने 10 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। जबकि एक सीट सहयोगी पार्टी अपना दल के लिए छोड़ दिया है। अपना दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि अपना दल से पार्टी के अध्यक्ष और केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति आशीष सिंह पटेल 11वें प्रत्याशी के रूप में उम्मीदवार होगें।


उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर रविवार को भाजपा ने 10 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। जिसके बाद से यह कयास लगाया जा रहा था कि एक सीट सहयोगी पार्टी अपना दल के खाते में जाएगी। वहीं यह भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि अनुप्रिया पटेल अपनी मां कृष्णा पटेल को एमएलसी बनाकर अपना दल के दूसरे गुट को एक कर लेगीं।

लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका और अपना दल सोनेलाल के राष्ट्रीय प्रवक्ता बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने खास बातचीत में साफ कर दिया कि 11वां प्रत्याशी अपना दल एस से होगा। बताया कि पार्टी की चुनाव समिति ने तय किया है कि पार्टी के अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति इंजीनियर आशीष सिंह पटेल एमएलसी उम्मीदवार होगें। बताया कि सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नामांकन दाखिल करेंगें।
सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
फूलपुर लोकसभा सीट में हुए उप चुनाव के दौरान अपना दल सोनेलाल ने इस सीट पर दावेदारी की थी। लेकिन भाजपा ने यह सीट नहीं दी और भाजपा चुनाव भी हार गई। इसके बाद से लगातार अपना दल के नेता प्रदेश सरकार पर आरोप लगा रहे थें। जिसके चलते भाजपा ने अपना दल के विरोध को शांत करने व आगामी लोकसभा चुनाव में सामाजिक समीकरण साधने के लिए भाजपा ने एमएलसी की एक सीट अपना दल को दे दी।
गौरतलब है कि प्रदेश में विधान परिषद की रिक्त हो रही 13 सीटों पर 26 अप्रैल को चुनाव होगा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित नरेश चन्द्र उत्तम, राजेन्द्र चौधरी, राम सकल गुर्जर, डा. विजय यादव, डा. विजय प्रताप, अम्बिका चौधरी, उमर अली खान, मोहसिन रजा, मधु गुप्ता, डॉ. महेन्द्र कुमार सिंह, चौधरी मुश्ताक और सुनील कुमार का कार्यकाल 05 मई 2018 को समाप्त हो रहा है। इनमें सपा के सात, भाजपा के दो, बसपा के दो और एक रालोद के हैं। अंबिका चौधरी के इस्तीफे से एक सीट पहले से खाली है। उन्होंने एसपी से बीएसपी में जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था।
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 अप्रैल है, जबकि 17 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नामांकन वापस लेने की अन्तिम तारीख 19 अप्रैल है। मतदान 26 अप्रैल को सुबह नौ बजे से अपरान्ह चार बजे तक होगा और इसी दिन शाम को पांच बजे मतगणना होगी। आयोग ने दो मई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। लेकिन माना जा रहा है कि चुनाव निर्विरोध होगा, कारण यह है कि भाजपा के पास 11 और गठबंधन के पास दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त मत हैं। चुनावों का परिणाम 26 अप्रैल को शाम तक घोषित कर दिया जाएगा।


बसपा और सपा से एक-एक प्रत्याशी की होगी जीत
राज्यसभा चुनाव हार चुके बीएसपी प्रत्याशी भीमराव आंबेडकर ने गुरुवार को विधान परिषद चुनाव के लिए अपना पर्चा दाखिल किया था। उन्हें समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया है। अब एसपी और बीएसपी परिषद की एक-एक सीट पर चुनाव लड़ेंगी। हालांकि अभी सपा ने अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। सूत्रों के अनुसार संभावना है कि सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को प्रत्याशी बनाएगी।

विधान परिषद में जीत के लिए एक प्रत्याशी को 29 वोट चाहिए। ऐसे में एसपी के 46 और बीएसपी के 19 मिलाकर 65 होते हैं। इसमें भी राजा भैया और विनोद सरोज को कम कर दिया जाए, तब भी 63 वोट होते हैं। कांग्रेस का भी समर्थन मिल गया तो यह संख्या और बढ़ जाएगी। ऐसे में एसपी और बीएसपी के एक-प्रत्याशी की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

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