कानपुर :विषैली गैस के रिसाव से सीवर लाइन में काम कर रहे युवक की मौत, चार अस्पताल में भर्ती

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कानपुर, 11 अप्रैल । नमामि गंगे योजना के तहत चकेरी थानाक्षेत्र में ठेकेदार द्वारा सीवर सफाई का काम करवाया जा रहा है। सीवर सफाई के दौरान पांच युवक सीवर लाइन से निकली विषैली गैस के चपेट में आ गये। जिन्हे राहगीरों की मदद से चार को बेहोशी की हालत में अस्तपाल में भर्ती कराया गया। वहीं एक युवक के शव को पुलिस ने रात करीब तीन बजे सीवर लाइन से निकाल पोस्टमार्टम भेज दिया और सुबह परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा काटा।


चकेरी थानाक्षेत्र के कृष्णानगर गेट के सामने स्थित टेलीफोन एक्सचेंज पुरानी सीवर लाइन की सफाई और नई लाइन डालने का काम नमामि गंगे परियोजना के तहत चल रहा है। जिसका ठेका श्याम नगर के रहने वाले रामभवन और रतनलाल नगर के ओमकार ने ले रखा है। ठेकेदार रामभवन मंगलवार को देर शाम बिना मॉस्क के पांच मजदूरों को सीवर लाइन में उतार दिया। सीवर लाइन में विषैली गैस के रिसाव से मजदूरों का दम घुटने लगा और चीख पुकार लगाई। यह देख ठेकेदार मौके से भाग निकला और बाइक से निकल रहे गंगागंज निवासी सुरेन्द्र कुमार और सत्यम ने चीख पुकार सुन रूक गये।

इसके बाद उन्होंने राहगीरों की मदद से चार मजदूरों को बेहोशी की हालत में कांशीराम ट्रामा सेंटर अस्पताल भेजवाया। जहां पर गंभीर देख डाक्टरों ने हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसी बीच पुलिस को जानकारी हुई तो मौके पर पहुंची पुलिस को क्षेत्रीय लोगों ने पूरी घटना से अवगत कराया। इसके साथ ही यह बताया कि एक मजदूर अभी भी सीवर लाइन में फंसा हुआ है। लेकिन पुलिस ने तत्काल कोई ठोस कदम नहीं उठाया और रात करीब तीन बजे सीवर लाइन में फंसे मजदूर अरविंद (32) के शव को निकलवा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेज सुबह परिजनों को जानकारी दी।

जिससे परिवार में कोहराम मच गया और पोस्टमार्टम हाउस में शव को रख 20 लाख रूपए मुआवजे की मांग करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे के लिए अधिकारियों तक बात पहुंचाने की बात कह परिजनों को शांत कराया। स्वरूप नगर इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि मृतक मजदूर अरविंद बाल्मीकी घाटमपुर का रहने वाला था और बर्रा में रहकर ठेकेदार रामभवन के अन्डर में काम करता था। परिवार में पत्नी रेखा, बेटी राधा और तीन बेटे साहिल, अजीत और अमित हैं। उधर चकेरी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।


होश में आने पर गुड्डू ने बयां किया दर्द
हैलट अस्पताल में भर्ती सीवर लाइन में विषैली गैस का शिकार हुए गुड्डू को होश आ गया जबकि अभी भी तीन मजदूरों को होश नहीं आया है। गुड्डू ने बताया कि ठेकेदार के साथ 18 लोग काम करते हैं। एक पाली में सफाई के लिए आठ से नौ लोगों को सीवर लाइन में लगाया जाता है। मंगलवार को दूसरी पाली में देर शाम ठेकेदार ने हम लोगों को सीवर लाइन के काम में लगाया।

जिसमें पांच लोगों (अरविंद व उसके भाई नीरज, नीरज, जीतू और मुझे) सीवर लाइन में उतार दिया गया। सीवर लाइन में काफी अंदर जाने पर विषैली गैस से सिर चकराने लगा और चीख पुकार बाहर भागने का प्रयास किया। लेकिन बाहर आने से पहले ही हम लोग बेहोश हो गये और राहगीरों ने अस्पताल तक पहुंचाया। साथी अरविंद की मौत की खबर पाकर कहा कि हम लोग ठेकेदार से बराबर मॉस्क व सेफ्टी उपकरण लगाने की बात कहते रहें पर वह हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हुआ। ठेकेदार के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होना चाहिये और मृतक साथी के परिजनों को कम से कम 10 लाख का मुआवजा मिलना चाहिये।

6 लाख रुपये मिला मुवायजा
अपर नगर मजिस्ट्रेट सप्तम हरीश चन्द्र यादव ने बताया कि मामला गंभीर है। इसी को देखते हुए मैं खुद पोस्टमार्टम हाउस गया था। परिजनों को आश्वासन दिलाया गया है कि ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मुआवजे के तौर पर तत्काल एक लाख नकद और पांच लाख का चेक जिला प्रशासन की ओर से दिया गया है। आगे भी मुआवजे के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। जिससे मृतक के परिवार को भरण पोषण के लिए भटकना न पड़े। एडीएम सिटी ने सतीश पाल ने बताया कि ठेकेदार के खिलाफ तो कार्रवाई होना तय है पर पुलिस और नमामि गंगे के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका के लिए जांच कमेटी का गठन किया जाएगा।

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