कानपुर : भाजपा सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा कांग्रेसियों ने रखा उपवास

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कानपुर, 09 अप्रैल । सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी एसटी एक्ट में संशोधन और भारत बंद के दौरान हुई हिंसा को विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। जिसके चलते सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के राजघाट पर उपवास रखा और देश भर के कांग्रेसियों ने भी इस उपवास में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसी क्रम में कानपुर नगर कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा उपवास रखा।

एससी एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों संशोधन कर एक फैसला सुनाया। जिसके तहत पुलिस अधीक्षक की लिखित अनुमति के बिना एससी एसटी एक्ट के मुकदमों में गिरफ्तारी नहीं होगी। इसको लेकर दो अप्रैल को देश के विभिन्न दलित संगठनों ने भारत बंद किया था। जिसमें कई जगहों पर हिंसात्मक घटनाएं हुई और पुलिस से भी नोकझोक हुई। इसके बाद दलित आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। ऐसे में उपवास के जरिए देशभर में कांग्रेस यह संदेश देने की कोशिश में है, कि सरकार दलित विरोधी है।

हालांकि देश भर में हुई हिंसा के बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार दायर की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को सिरे से नकार दिया था। वहीं इस एक्ट के फैसले के बाद से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को गांधी जी की प्रतिमा के नीचे दिल्ली के राजघाट पर एक दिवसीय मौन उपवास में बैठ गए। जिसके बाद देश भर में कांग्रेसीजन देश भर में हो रहे दलित उत्पीड़न के मामले में मौन उपवास पर बैठ गए। इसी के चलते पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर एक दिवसीय देशव्यापी लोकतंत्र बचाओ धरना उपवास के क्रम में कानपुर नगर के कांग्रेसियों ने नानाराव पार्क में मौन उपवास रख सरकार के खिलाफ मौन धरना दिया।

इसके साथ ही भारत बंद के दौरान हिंसा में मारे गए दलितों की आत्माओं की शांति के लिए रघुपति राघव राजा राम भजन भी गाया। इसके बाद केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला गया। प्रदर्शन में शामिल पूर्व सांसद राजाराम पाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की भाषा शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ रहा है। दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में सामाजिक वैमनस्यता फैलाने की कोशिश मोदी सरकार कर रही है। पूरे देश के अन्दर, आपस में सम्प्रदाय के नाम पर संघर्ष, अगड़ा-पिछड़ा, ऊंच-नीच, जातिवाद कर समाज को बांटने की कोशिश हो रही है। कहा, रोहित वेमुला की हत्या हो या कन्हैया कुमार का मामला ये बीजेपी सरकार सब पर अन्याय कर रही है।

ऐसा जुल्म कभी नहीं हुआ
कांग्रेस विधायक सोहेल अंसारी ने कहा कि देश भर में बीजेपी की वजह से दलित उत्पीड़न हो रहा है। सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार दलितों पर ज़ुल्म की सारी हदें पार कर रही है। बेगुनाहों को फर्जी मुकदमों में फंसा कर जेल भेजा जा रहा है। ऐसा ज़ुल्म दलितों पर इससे पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा की दलितों को न्याय मिले इसके लिए कांग्रेस सड़क पर संघर्ष के लिए तैयार है।

जाति धर्म की राजनीति करती है भाजपा
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने कहा कि बीजेपी की सरकार आने के बाद देश भर में दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ा है। समाज में सामाजिक विद्वेष इतना बढ़ चुका है की दलितों को घर से निकालकर उन पर हमला किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी दलितों के साथ खड़ी है और इस तरह की घटनाओं के निषेध में अनशन किया गया है। कहा, कांग्रेस ने सभी वर्गों का सम्मान करती है। भाजपा जाति व धर्म की राजनीति करती है। कांग्रेस ने दलित, पिछड़ा सामाज के हित के लिए हमेशा संघर्ष किया है। यही मात्र एक ऐसी पार्टी है, जो भाजपा को मुंह तोड़ जबाव दे सकती है।

कांग्रेस अहिंसा पर रखती है विश्वास
प्रदेश कांग्रेस महासचिव डा. शैलेन्द्र दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी के बताए अहिंसा के मार्ग पर चलने में विश्वास करती है। देश में किसी भी तरह की हिंसा चाहे वह जातीय हो या साप्रदायिक हम लोग उसका विरोध करते हैं। अहिंसावादी देश में हिंसा की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि दो अप्रैल को हुई हिंसा के पीछे मौजूदा केंद्र और राज्य सरकारें जिम्मेदार है। सरकार के लचर रवैए से ऐसी घटनाएं हो रहीं हैं और सरकार इसे रोकने में पूरी तरह विफल रही। कहा कि सरकार को किसी की आवाज बंद करने का कोई अधिकार नहीं है।

इसके लिए वह पुलिस बल का प्रयोग करा रही है लेकिन अब किसी की आवाज बंद होने वाली नहीं है। कहा, सरकार द्वारा समय पर निर्णय नहीं लेने से ही पूरे प्रदेश में हिंसा भड़की, जिसकी आग में पूरा देश जल उठा। इस दौरान जनहानि की घटनाएं भी हुईं जिसमें कई निर्दोष लोग मारे गए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते कड़े कदम उठाती तो शायद इस तरह की हिंसा नहीं फैलती और न ही बेगुनाहों की जान जाती। भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के बहाने कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान पूरे जनपद से आये कार्यकर्ताओं ने हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।

कुलदीप सेंगर पर मौन है सरकार
पूर्व सांसद राजाराम पाल ने उन्नाव के बांगरमऊ से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मामले में सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पीड़िता मुख्यमंत्री की दस्तक पर मजबूर होकर आत्मदाह का प्रयस कर रही है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और सरकार भी मौन धारण किये हुए है। सत्ता के दबाव में अफसरों ने आंख मूंद ली है। जिस की वजह लोग दहशत में हैं और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। कहा, सरकार ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं कर दमनकारी माहौल पैदा कर रही है।

जिससे पूरे प्रदेश में गरीब और मजबूर लोग अपनी पीड़ा को उजागर करने की हिम्मत नहीं कर पा रहें हैं। मांग किया कि सरकार अगर संवैधानिक व्यवस्था में थोड़ा भी विश्वास करती तो जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दे। कहा, केंद्र व राज्य सरकार को आमजन की चिंता नहीं है। किसानों की किस्मत से तो सरकारें ही नहीं भगवान भी रूठे हुए हैं। इस सप्ताह दो बार बारिश व ओला वृष्टि ने किसानों की गेहूं व अन्य फसल को तबाह कर दिया।

आश्रितों को मिले मुआवजा
पूर्व विधायक व ग्रामीण जिलाध्यक्ष संजीव दरियाबादी ने कहा कि भाजपा किसानों की अनदेखी कर रही है। एससी एसटी कानून को निष्प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने ही साजिश रची है। इसके विरोध में दलित समाज व अन्य लोगों ने इसका विरोध किया, तो आंदोलनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। कई निर्दोषों की जान चली गई। देशभर में कई दिन तक अराजकता का माहौल रहा। हम सरकार से मांग करते हैं कि जिन लोगों की इस आंदोलन में मौत हुई है, उनके आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए।

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