हवाओं की रफ्तार व बदली से गिरा पारा, खड़ी फसलों को हो सकता है नुकसान

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कानपुर, 06 अप्रैल । हवाओं की रफ्तार बढ़ने से व आसमान में बदली छाई रहने के चलते एक बार फिर शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदल गया। जिससे तापमान में घटोत्तरी हो गई और इसके साथ ही वातावरण में नमी की मात्रा भी बढ़ गई। मौसम विभाग का कहना है कि वायुदाब कम होने से तेज हवाएं शुरू हो गईं हैं और यह अभी दो दिनों तक चलेगीं। जिससे तापमान में गिरावट आएगी और छुटपुट बारिश की भी संभावना बनी हुई है। इन तेज हवाओं से खड़ी फसल जिसमें पानी लगना है उसमें नुकसान हो सकता है।
पिछले शुक्रवार देर शाम को मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया और 30-35 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज ठंडी हवाएं चली। जिसके बाद पारे में अचानक गिरावट आ गई और यह क्रम तीन दिनों तक चलता रहा। लेकिन सोमवार को हवाओं की रफ्तार कम होने व आसमान साफ होने से पारे में बढ़ोत्तरी होना शुरू हुई और यह क्रम गुरूवार को भी बना रहा। लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया और पारे में कमी आ गई।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरूद्ध दुबे ने बताया कि गर्मी में जब लगातार पारा बढ़ता है तो वायुदाब कम हो जाता है जो हवाओं की गति को बढ़ा देता है। इसी के चलते शुक्रवार को हवाओं की दिशाएं भी बदली और उनकी रफ्तार में भी तेजी आ गई। इसी के साथ ही हवाओं की दिशाएं बदलने से आसमान में बदली भी छा गई। जिससे तामपमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी आ गई और आगे भी दो दिनों तक इसमें कमी आने की संभावना है। जिसके बाद फिर हवाओं की रफ्तार कम होने से तापमान में बढ़ोत्तरी होगी।
बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.1 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और सुबह की आर्द्रता 62 फीसदी व दोपहर की आर्द्रता 41 फीसदी दर्ज की गई।

बताया कि पूर्वी हवाएं चल रहीं हैं जिनकी रफ्तार 7.1 किलोमीटर प्रति घंटा रही। मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरुद्ध दुबे ने कहा जिस तरह से मौसम बदल रहा है उससे संभावना है वायुदाब कम होने से हवाओं की रफ्तार और बढ़ेगी। बताया कि शुक्रवार को कानपुर सहित मध्य जोन में बदली छाई रही जो आगे दो दिनों तक बनी रहेगी। इसके साथ ही पश्चिमी क्षेत्र लखीमपुर खीरी और सीतापुर आदि जगहों पर स्थानीय स्तर पर छुटपुट बारिश भी हो सकती है।


हवाएं फसलों को पहुंचा सकती हैं नुकसान
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार से तीन दिनों तक वायुदाब कम होने से तेज हवाएं चलेगीं। जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। आम और लीची फसल के लिए यह हवाएं ज्यादा घातक साबित हो सकती हैं। कहा, फिलहाल तापमान कम होने से व वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ने से फसलों को फायदा होगा। इसका सीधा असर गेहूं मक्का आदि की खड़ी फसलों पर पड रहा है। कहा कि इन दिनों गेंहू की फसल प्रौढ अवस्था में है।

ऐसे में फसलों पर नमी बरकरार रखें नहीं तो उत्पादन में इसका असर पड़ सकता है। इसके साथ आगामी तीन दिनों तक तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसान फसलों में सिंचाई के लिए सायंकाल ही पानी लगाएं। जिससे फसल गिरने से काफी हद तक बच सकती है। गिरी हुई फसल से जहां उस पर उत्पादन में असर पड़ता है तो वहीं इसकी कटाई में भी किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

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