बसपा और सपा के बीच 38-38 सीटों का समझौता

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गठबंधन में मायावती के पीएम पद पर अखिलेश का समर्थन
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोकसभा चुनाव 2019 के लिए गठबंधन की घोषणा कर दी. मायावती ने कहा कि यह गठबंधन पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह यानी गुरु-चेले की नींद उड़ाने वाला है।

उन्होंने कहा कि जनहित ‘स्टेट गेस्ट हाउस कांड’ से ऊपर है, इसलिए मैंने उसे भुलाकर सपा के साथ गठबंधन का फैसला किया है. मायावती ने बताया कि सपा-बसपा के बीच सीटों को लेकर भी समझौता हो गया है और दोनों पार्टियां 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। दो-दो सीट सहयोगी पार्टी और कांग्रेस के लिए छोड़ दिया गया है.मायावती ने कहा कि नरेंद्र मोदी के तानाशाही रवैये से पूरा देश परेशान है।

जातिवाद, संप्रदायवाद की देश में अति हो गयी है, ऐसी स्थिति में देश को सपा-बसपा गठबंधन से काफी उम्मीदें हैं। यह राजनीतिक क्रांति का युग है और जनविरोधी पार्टी को सत्ता से दूर रखना हमारा लक्ष्य. मायावती ने कहा कि इस गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया गया है।

मायावती ने कांग्रेस और भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों की नीतियां एक जैसी हैं. कांग्रेस ने देश में इमरजेंसी लागू किया था और भाजपा ने अघोषित इमरजेंसी लागू कर रखा है। मायावती ने इस बात को साफ नहीं किया कि अगर वे लोकसभा चुनाव लड़ेंगी तो कहां से लड़ेंगी. मायावती ने कहा कि इस गठबंधन का भविष्य उज्ज्वल है और आने वाले विधानसभा चुनाव में भी हम साथ होंगे।

प्रेस कॉंन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मायावती का सम्मान मेरा सम्मान है. यदि कोई उनका अपमान करेगा तो वह मेरा अपमान होगा। अखिलेश यादव ने इस गठबंधन के लिए मायावती का शुक्रिया अदा किया और कहा कि यह गठबंधन मजबूत है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा के अत्याचार से लोगों को मुक्त कराने के लिए यह गठबंधन बना है और हम साथ हैं।

दरअसल अखिलेश से मीडिया द्वारा प्रधानमंत्री का सवाल पूछा गया तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि यूपी ने देश को पहले भी प्रधानमंत्री दिए हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि एक बार फिर देश को प्रधानमंत्री देने का काम यूपी ही करेगा। बता दें कि अखिलेश पहले भी एक बार कह चुके हैं कि वह मुख्यमंत्री बनकर प्रदेश की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक तो यही होता आया है कि यूपी से ही कोई प्रधानमंत्री बनता आया है।

हम यही चाहते हैं कि कोई नया प्रधानमंत्री बने और यूपी से ही बने। बता दें कि लोकसभा चुनाव में मोदी को हराने के लिए 25 साल की दुश्मनी छोड़ सपा-बसपा ने हाथ मिला लिया है। आज दोनों पार्टियों के अध्यक्षों ने प्रेस वार्ता कर घोषणा कर दी है कि वह 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में गठबंधन के साथ उतरेंगे। इसके साथ ही बताया कि वह यूपी की 80 लोकसभा सीटों पर 38-38 के फॉमूले के साथ चुनाव में उतरेंगी।

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