दिल्ली में 55 लाख बच्चों को खसरा-रुबेला टीका लगाया जाएगा

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नई दिल्ली। दिल्ली में खसरा-रुबेला जैसी बीमारियों से बचाने के लिए केंद्र सरकार की योजना को दिल्ली में भी अपनाया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली सरकार 16 जनवरी से खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान शुरू करेगी। यह 28 फरवरी, 2019 तक चलेगा। 3-10 फरवरी तक पल्स पोलियो दिवस रहने की वजह से इस दौरान यह अभियान नहीं चलेगा।

यूनिसेफ और दिल्ली सरकार के एक कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. नूतन मुंडेजा ने बताया कि 9 महीने से 15 साल तक बच्चों को यह टीका लगाया जाएगा। स्कूल से लेकर डिस्पेंसरी, अस्पताल, प्राइवेट क्लीनिक आदि के जरिए यह इसे लगाने की तैयारी है। टीकाकरण के साथ ही बच्चे की उंगली पर स्याही लगाई जाएगी, जिससे कंफर्म हो जाएगा कि उस बच्चे को टीका लग गया है और उसे रिपीट न हो।

अभियान के तहत करीब 55 लाख बच्चों को खसरा-रुबेला टीका लगाया जाएगा। इसके लिए दिल्ली सरकार ने तैयारियां करीब-करीब पूरी कर ली हैं। हालांकि अभी करीब 300 स्कूल यह इंजेक्शन लगवाने के लिए तैयार नहीं हुए हैं। सरकार इन्हें तैयार करने की कोशिश में लगी हुई है। इसके साथ ही मदरसों को भी यह इंजेक्शन लगाने के लिए तैयार किया जा रहा है।

दिल्ली सरकार के टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुरेश सेठ ने कहा कि 1.9 करोड़ की आबादी वाली दिल्ली में 15 वर्ष तक के बच्चों की संख्या करीब 58.31 लाख है। इनमें से 9 माह से 15 साल के मध्य बच्चों की संख्या 55.37 लाख है। 27 लाख बच्चे सरकारी तो 17 लाख बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। इन सभी को टीकाकरण में शामिल करने के लिए कई टीमें बनाई हैं। हर टीम में 3 कर्मचारी और एक सुपरवाइजर रहेगा। 1800 एएनएम कर्मचारी व आशा वर्कर इस अभियान में शामिल होंगी।

कार्यक्रम में बताया गया कि सोशल मीडिया पर एक अफवाह चल रही है जिसके मुताबिक अगर बच्चों को ये टीका लगाया गया तो 40 वर्ष की आयु में पहुंचने तक बच्चा पैदा करने की क्षमता प्रभावित होगी। बच्चा नपुंसक हो जाएगा। यह कोरी अफवाह है। इसकी वजह से कई राज्यों में लोग यह टीका लगवाने से झिझक रहे हैं।

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