कानपुर :हवाओं की धीमी रफ्तार व आसमान साफ होने से बढ़ा पारा

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कानपुर, 02 अप्रैल । पिछले तीन दिनों से जहां तेज हवाओं के चलते तामपान में गिरावट हो रही थी तो वहीं सोमवार को रफ्तार कम होने से पारे में बढ़ोत्तरी हो गई। जिसके चलते आर्द्रता में भी घटोत्तरी हो गई। तापमान बढ़ने से दोपहर में सड़कों में भीड़भाड़ कम दिखी। मौसम विभाग का कहना है कि आसमान साफ होने व हवाओं की धीमी रफ्तार से तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है और अब तापमान में रोजाना वृद्धि होगी, संभावना है कि इस सप्ताह में पारा 40 पार कर सकता है। बारिश की कोई संभावना है।

बताते चलें कि बीते तीन दिन पूर्व शुक्रवार देर शाम को मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया और 30-35 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज ठंडी हवाएं चली।

जिसके बाद पारे में अचानक गिरावट आ गई और यह क्रम तीन दिनों तक चलता रहा। लेकिन सोमवार को हवाओं की रफ्तार कम होने व आसमान साफ होने से पारे में बढ़ोत्तरी हो गई और इसी के चलते आर्द्रता में घटोत्तरी हो गई। चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरूद्ध दुबे ने बताया कि गर्मी में जब लगातार पारा बढ़ता है तो वायुदाब कम हो जाता है

जो हवाओं की गति को बढ़ा देता है। इसी के चलते तीन दिनों तक तेज हवाएं चल रहीं है और तापमान में कमी आ गई थी लेकिन सोमवार को मौसम में फिर बदलाव आ गया। बताया कि पूर्वी व पश्चिमी हवाएं बीते तीन दिनों से चल रहीं थी और इनकी रफ्तार भी अधिक थी। सोमवार को हवाओं की दिशाएं बदल गई और उत्तरी हो गई। इसके साथ ही आसमान भी साफ रहा जिससे सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ रही हैं और तापमान में बढ़ोत्तरी हो गई।

बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 36.6 और न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस और सुबह की आर्द्रता 71 फीसदी व दोपहर की आर्द्रता 33 फीसदी रही। इसी तरह दूसरे दिन रविवार को दो डिग्री सेल्सियस तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लेकिन हवाओं दिशाएं बदलने व उनकी कम रफ्तार होने से सोमवार को अधिकतम तापमान 35.6 और न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की आर्द्रता 68 फीसदी और दोपहर की आर्द्रता 42 फीसदी रही। उत्तरी हवाएं चल रहीं हैं जिनकी रफ्तार 6.9 किलोमीटर प्रति घंटा रही। मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरुद्ध दुबे ने कहा जिस तरह से मौसम बदल रहा है उससे संभावना है कि इस सप्ताह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वायुदाब बढ़ने से स्थानीय स्तर पर हवाओं की रफ्तार बढ़ सकती है पर बारिश की कोई आसार हैं।

फसलों में बरकरार रखे नमी
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि अब हवाओं की दिशाएं बदलने से रोजाना तापमान में वृद्वि हो रही है। जिससे वातावरण में नमी की कमी हो रही है। इसका सीधा असर खड़ी फसलों पर पड़ेगा। कहा कि इन दिनों गेंहू की फसल प्रौढ अवस्था में है। ऐसे में फसलों पर नमी बरकरार रखें नहीं तो उत्पादन में इसका असर पड़ सकता है। इसके साथ ही किसान फसलों में सिंचाई के लिए सायंकाल ही पानी लगाएं। जिससे फसल गिरने से काफी हद तक बच सकती है।

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