2890 कार्मिकों को लॉयल्टी बोनस का प्रस्ताव केंद्र को भेजा

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देहरादून|राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत 2890 कार्मिकों के स्थायी समायोजन से सरकार ने इन्कार किया है। सरकार ने कहा है कि केंद्र से तय उक्त कार्मिकों की सेवा शर्तों में राज्य बदलाव नहीं कर सकता। अलबत्ता, उक्त कार्मिकों को चालू वित्तीय वर्ष में लॉयल्टी बोनस देने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। विधायक प्रीतम पंवार के कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत संविदा कार्मिकों के स्थायी समायोजन की मांग की। उन्होंने कहा कि जिला, ब्लॉक, चिकित्सा इकाइयों में बीते 15 वर्षों से कार्यरत हैं। जवाब में विधायी एवं संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि उक्त केंद्रपोषित योजना में कार्यरत कार्मिकों को 15 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। गोविंद वन्यजीव विहार का मुद्दा उठाया विधायक राजकुमार ने उत्तरकाशी जिले में गोविंद वन्यजीव विहार के आबादी क्षेत्रों को हो रही दिक्कतों का मसला नियम-58 के तहत उठाया। जवाब में वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार पर्यावरण को संरक्षित रखने के साथ ही विकास की भी पक्षधर है। गन्ना किसानों के लिए 333 करोड़ विधायक फुरकान अहमद ने गन्ना किसानों को भुगतान नहीं किए जाने के मामले को नियम-58 के तहत चर्चा में उठाया।
उन्होंने कहा कि राज्य में गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है। किसान आर्थिक संकट के चलते आत्महत्या करने को विवश हैं। जवाब में गन्ना एवं चीनी उद्योग मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि अनुपूरक बजट पारित होते हुए सहकारी और सरकारी क्षेत्र की चीनी मिलों का बकाया 98 करोड़ का भुगतान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार 333 करोड़ गन्ना किसानों के लिए दिए हैं। किसानों के आंसू पोछने के प्रयास किए हैं। चीनी के दाम बाजार में कम होने से चीनी मिलों का संकट बढ़ा है। चीनी की मांग घटी है। इस वजह से बीते वर्ष 30 नवंबर तक 1.45 लाख कुंतल चीनी का स्टॉक था, जबकि इस वर्ष 30 नवंबर तक चीनी का कुल स्टॉक 5.54 लाख कुंतल है। हरिद्वार जिले में एक गन्ना किसान के जहर पीने के मामले पर काबीना मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि उक्त हादसा चीनी मिल के चेकर और किसान रफल सिंह के बीच भ्रम पैदा होने की वजह से हुआ।
इस संबंध में विभागीय स्तर पर जांच कराई जा चुकी है। अब उक्त किसान की हालत स्थिर और खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि उक्त घटना के बाद किसानों को चीनी मिलों में सुविधाएं मुहैया कराने के लिए छह एडवाइजरी सरकार ने जारी की है। उन्होंने चीनी मिलों पर गन्ना किसानों की बकाया राशि का जिक्र भी किया।
चकराता विधायक व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने नियम-58 के तहत आयुर्वेदिक कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बढ़ी फीस की वापसी का मुद्दा उठाया। इस दौरान उनके और आयुष व आयुष शिक्षा मंत्री डॉ हरक सिंह रावत के बीच एकदूसरे के लिए हल्के-फुल्के अंदाज में नोकझोंक हुई। इससे पूरा सदन में बीच-बीच में हंसी के फव्वारे छूटते रहे। काबीना मंत्री हरक सिंह ने आयुर्वेदिक छात्रों की फीस बढ़ाने के बारे में पिछली सरकार का आदेश होने का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तोहमत मढ़ी तो पलटवार करते हुए प्रीतम सिंह ने मंत्री हरक सिंह को सरकारों को तोड़ने का विशेषज्ञ करार दिया तो कोटद्वार नगर निगम चुनाव को लेकर उन्हें घेरा। प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार छात्र-छात्राओं के बजाय कॉलेजों के समर्थन में खड़ी है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बढ़ी हुई फीस लौटाई नहीं जा रही है। जवाब में आयुष मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने सदन को बताया कि इस मामले में सरकार सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगी। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए छात्रों को बढ़ी फीस वापस दिलाई जाएगी। केंद्र सरकार के पास जमा आयुर्वेदिक कॉलेजों की बैंक गारंटी से फीस लौटाने के प्रयास किए जाएंगे।

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