उत्तराखंड: सरोजनी देवी हत्याकांड में दो लोगों को फांसी की सजा

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उत्तराखंड : रुद्रप्रयाग जिले के जखोली क्षेत्र के लिस्वाल्टा गांव में एक महिला की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भारत भूषण पाण्डेय की अदालत ने दोषी पाए गए दो लोगों को फांसी और दो अन्य को 3-3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

सरकार की ओर से मामले की पैरवी प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुदर्शन सिंह चौधरी ने की। घटनाक्रम के अनुसार वर्ष 4 अप्रैल 2017 की रात जखोली तहसील के लिस्वाल्टा की विवाहिता सरोजनी देवी जब अकेले घर पर थी तो उस समय उसकी हत्या कर दी गई। मृतका के पुत्र विजय सिंह ने पटवारी क्षेत्र बांगर में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। यह मामला अत्यंत गंभीर होने के कारण राजस्व पुलिस ने इसे शीघ्र रेगुलर पुलिस को सौंप दिया।
कोतवाली रुद्रप्रयाग में मामला आने के बाद गहनता से जांच एवं छानबीन शुरू हुई। इस मामले में सत्येश उर्फ सोनू पुत्र दिल्लू लाल, निवासी कोटली थाना थराली जिला चमोली और मुकेश थपलियाल पुत्र गीताराम थपलियाल जयंती जखोली तहसील की निशानदेही पर मृतका सरोजनी देवी से लूटी गए जेवरात अवधेश शाह पुत्र देवेन्द्र शाह, निवासी देवेन्द्र ज्वैलर्स कर्णप्रयाग और राजेश रस्तोगी पुत्र रमेश रस्तोगी निवासी गढ़वाल ज्वैलर्स कर्णप्रयाग चमोली से बरामद किए गए।

ये जेवर मुकेश थपलियाल ने इन्हें बेचे थे। सरोजनी देवी के घर लड़की की जन्मपत्री लेने के बहाने मुकेश और सोनू वहां गए थे। पुलिस ने मोबाइल की काल डिटेल के आधार पर इन तक पहुंचने में कामयाबी पाई।

पुलिस ने हत्या के आरोप में मुकेश व सोनू के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया, जबकि ज्वैलर्स अवधेश शाह व राजेश रस्तोगी के विरुद्ध धारा 411 का अपराध पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय को प्रेषित किया।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भारत भूषण पाण्डेय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। फैसला सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भारत भूषण पाण्डेय ने मुकेश थपलियाल पुत्र गीताराम थपलियाल जयंती जखोली तहसील एवं सत्येश उर्फ सोनू पुत्र दिल्लू लाल, निवासी कोटली थाना थराली जिला चमोली को फांसी की सजा सुनाई।

जबकि अवधेश शाह पुत्र देवेन्द्र शाह, निवासी देवेन्द्र ज्वैलर्स कर्णप्रयाग व राजेश रस्तोगी पुत्र रमेश रस्तोगी निवासी गढ़वाल ज्वैलर्स कर्णप्रयाग चमोली को 3-3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। सरकार की ओर से मामले की पैरवी प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुदर्शन सिंह चौधरी ने की।
रुद्रप्रयाग जिले में पहली बार किसी को फांसी की सजा सुनाई गई। रुद्रप्रयाग जिला बनने के 21 सालों में हालांकि आजीवन करावास के कई फैसले हुए हैं, किंतु फांसी की सजा पहली बार हुई है। इधर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने फैसले में इस अपराध को दुर्लभ से दुर्लभ श्रेणी का बताया।

रुद्रप्रयाग जिले में पूर्व में दो महिलाओं की जघन्य हत्या की गई। इन दोनों घटनाओं में मुकेश थपलियाल को दोषी पाया गया। मुकेश पहले ही एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है जबकि उसका पूर्व में अपराधिक इतिहास रहा है। जबकि सत्येश उर्फ सोनू का चमोली जिले में अपराधिक इतिहास रहा है।

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